कुछ ही घंटों बाद मरीज की हुई मौत
सुरेश गोलानी / मुंबई
भायंदर-पश्चिम स्थित पंडित भीमसेन जोशी सरकारी अस्पताल से महायुति सरकार को शर्मसार कर देने वाली एक बेहद चौंकाने वाली घटना सामने आई है। घटना सोमवार की है जब अस्पताल के गहन चिकित्सा इकाई (आईसीयू) में भर्ती ८९ वर्षीय बुजुर्ग महिला के हाथ को कथित तौर पर चूहों ने कुतर दिया। हैरानी की बात यह रही कि इसकी खबर न किसी डॉक्टर और ना ही किसी नर्स को लगी। सुबह जब रिश्तेदार अस्पताल पहुंचे तो मरीज के खून से लथपथ हाथ को देखकर सकते में आ गए। मीरा रोड स्थित प्लेजेंट पार्क की निवासी सुहासिनी माटेकर को १२ मार्च को गंभीर हालत में भायंदर के पंडित भीमसेन जोशी अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया था। उनका डॉक्टरों की देखरेख में आईसीयू में इलाज चल रहा था। आरोप है कि सोमवार सुबह ६ बजे जब रिश्तेदार मरीज से मिलने पहुंचे तो सफेद चादर पर चूहे के खून से सने पैर साफ दिखाई दे रहे थे। चूहे के काटने से महिला का हाथ सूज गया था और खून भी बह रहा था। दुर्भाग्यवश महिला का करीब ५ बजे निधन हो गया। सिविल सर्जन डॉ जफर तडवी के अनुसार, ‘महिला न्यूमोनिया की मरीज थी, जिसे गंभीर अवस्था में अस्पताल में लाया गया था और उन्हे तुरंत वेंटिलेटर पर रखा गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए मैंने ड्यूटी पर तैनात मेडिकल स्टाफ को नोटिस जारी कर दिया है। आंतरिक विभागीय जांच के अलावा ठाणे के हमारे वरिष्ठ अधिकारी भी मामले की छानबीन कर रहे हैं और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जायेगी।’ अस्पताल में बरती जा रही लापरवाही और अस्वच्छता के खिलाफ आवाज उठाते हुए शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के सैकड़ों पदाधिकारियों ने पूर्व नगरसेविका नीलम धवण और संदीप राणे के नेतृत्व में विरोध प्रदर्शन किया। ज्ञात हो कि मीरा-रोड से दहाणु के बीच यह एकमात्र सरकारी अस्पताल है, जो राज्य सरकार के अधीन आता है। इस घटना ने सरकारी अस्पतालों की बदहाली, कुप्रबंधन और लापरवाही की पोल खोल कर रख दी है।
