ड्रोन-मिसाइलों के निशाने पर ‘डीसैलिनेशन प्लांट’
ईरान और बहरीन के संयंत्रों पर जोरदार हमले
खाड़ी देश समुद्री जल को शोधन कर बनाते हैं पीने योग्य
एजेंसी / तेहरान
अमेरिका और इजराइल की ओर से २८ फरवरी को ईरान पर शुरू किए गए हमलों के बाद चल रहा संघर्ष अब १०वें दिन में पहुंच गया है इस दौरान दोनों पक्षों के बीच मिसाइल और ड्रोन हमले जारी हैं, जिससे पूरे पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ गया है। इस बीच संघर्ष का असर खाड़ी क्षेत्र के अहम बुनियादी ढांचे पर भी पड़ रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऊर्जा उत्पादन प्रभावित होने के साथ-साथ अब पानी की आपूर्ति पर भी खतरा मंडरा रहा है। खाड़ी के कई देश पीने के पानी के लिए समुद्री पानी को साफ करने वाले डीसैलिनेशन प्लांट पर निर्भर हैं। रविवार को ईरान की ओर से बहरीन में एक डीसैलिनेशन प्लांट पर हमला किए जाने की खबर सामने आई।
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि अमेरिकी हवाई हमले में केश्म द्वीप स्थित ईरान के एक डीसैलिनेशन संयंत्र को नुकसान पहुंचा है। उन्होंने चेतावनी दी कि इस तरह के हमले क्षेत्र की पानी आपूर्ति के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकते हैं।
१,२०० लोगों की मौत
ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, अब तक इस युद्ध में १२०० से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। मंत्रालय के प्रवक्ता होसैन केरमनपूर ने सोशल मीडिया पर बताया कि मरने वालों में करीब २०० बच्चे और लगभग २०० महिलाएं शामिल हैं। उनके मुताबिक, १,००० से ज्यादा लोग घायल भी हुए हैं, जिनमें करीब ४०० महिलाएं शामिल हैं। इधर तेहरान में शनिवार देर रात इजराइली हमलों के बाद कई तेल भंडारण डिपो में आग लग गई।
