डॉ. कमल कान्त उपमन्यु
मथुरा। महामहिम राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल का आज जनपद आगमन हुआ। महामहिम राज्यपाल का हेलीकॉप्टर पंडित दीनदयाल उपाध्याय पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय एवं गो-अनुसंधान संस्थान के परिसर में उतरा। महामहिम का स्वागत विधायक बल्देव पूरन प्रकाश, पंडित दीनदयाल उपाध्याय पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय एवं गो-अनुसंधान संस्थान के कुलपति डॉ. अभिजित मित्र, जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्लोक कुमार द्वारा किया गया।
महामहिम राज्यपाल ने सर्वप्रथम विश्वविद्यालय के विभिन्न महाविद्यालयों के छात्र-छात्राओं द्वारा विश्वविद्यालय परिसर की दीवारों पर बनाई गई विभिन्न कलाकृतियों का अवलोकन किया। कलाकृतियों में जल संरक्षण, पौष्टिक आहार, प्रकृति की सुरक्षा, पशु क्रूरता पर अंकुश, धार्मिक एवं पर्यटन क्षेत्र की सुन्दरता, श्री कृष्ण के चित्र सहित विभिन्न पेटिंग को दर्शाया गया था। महामहिम को बारी बारी से छात्र-छात्राओं ने अपनी अपनी वॉल पेंटिंग के महत्व/ संदेश से अवगत कराया गया। उन्होंने सभी छात्र छात्राओं द्वारा बनाई गई वॉल पेंटिंग की सराहना की। महामहिम जी को एक छात्र ने पेंसिल से बनाया हुआ आकर्षक स्केच भेंट किया। उन्होंने विश्वविद्यालय के अशोक गेस्ट हाउस में कार्य परिषद की बैठक ली। बैठक की अध्यक्षता करते हुए महामहिम ने विश्वविद्यालय के विभिन्न एजेंडों पर बिंदुवार समीक्षा करते हुए अनुमोदन प्रदान किया।
महामहिम राज्यपाल/ विश्वविद्यालय की कुलाधिपति श्रीमती आनंदीबेन पटेल की अध्यक्षता में 10 मार्च को उत्तर प्रदेश पंडित दीन दयाल उपाध्याय पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय एवं गो-अनुसंधान संस्थान के 15वाँ दीक्षांत समारोह आयोजित किया जाएगा। इस समारोह में विशिष्ट अतिथि के रूप में उत्तर प्रदेश सरकार के पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह उपस्थित रहेंगे, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में भारत सरकार के पशुपालन आयुक्त डॉ. नवीन बी. महेश्वरप्पा शामिल होंगे।
इस दीक्षांत समारोह में विश्वविद्यालय द्वारा कुल 177 उपाधियाँ /डिग्रियाँ प्रदान की जाएँगी, जिनमें 69 डिग्रियाँ बीवीएससी एवं एएच, 74 स्नातकोत्तर डिग्रियाँ, 05 पीएचडी डिग्रियाँ तथा 29 बायोटेक्नोलॉजी की डिग्रियाँ शामिल हैं। शैक्षणिक उत्कृष्टता के लिए विद्यार्थियों को कुल 20 पदक प्रदान किए जाएँगे, जिनमें 14 स्वर्ण पदक, 04 रजत पदक तथा 02 कांस्य पदक शामिल हैं। इसके अतिरिक्त समारोह के दौरान 04 सर्वश्रेष्ठ शोधप्रबंध पुरस्कार (स्नातकोत्तर), 01 सर्वश्रेष्ठ शोधप्रबंध पुरस्कार (पीएचडी) तथा 01 सर्वश्रेष्ठ शिक्षक पुरस्कार भी प्रदान किए जाएँगे। अनुसंधान और शैक्षणिक विकास के क्षेत्र में विश्वविद्यालय ने इस वर्ष विभिन्न संस्थानों के साथ 07 समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं, जिससे वर्तमान में सक्रिय समझौता ज्ञापनों की कुल संख्या 31 हो गई है। इस कार्यक्रम के दौरान 02 पुस्तक, विश्वविद्यालय समाचार पत्र तथा पशुधन पत्रिका का भी लोकार्पण किया जाएगा।
विश्वविद्यालय ग्रामीण गरीबों के उत्थान के लिए जमीनी स्तर पर कार्यरत संस्थाओं जैसे आंगनवाड़ी केंद्रों तथा गोद लिए गए गाँवों के सरकारी विद्यालयों से सक्रिय रूप से जुड़ा हुआ है। इसी क्रम में इस कार्यक्रम के दौरान 25 आंगनवाड़ी केंद्रों को अवसंरचना सुदृढ़ीकरण हेतु किट वितरित की जाएँगी। विश्वविद्यालय के महिला अध्ययन केंद्र द्वारा गोद लिए गए पाँच गाँवों के विद्यालयी बच्चों के बीच चित्रकला, देशभक्ति गीत तथा भाषण प्रतियोगिताएँ आयोजित की गई थीं। इन प्रतियोगिताओं के विजेता विद्यार्थियों को इस समारोह में महामहिम राज्यपाल द्वारा सम्मानित किया जाएगा।
