मुख्यपृष्ठविश्वकैसे फरार हुए तीन भाई जॉन, क्लेरेंस व फ्रैंक?

कैसे फरार हुए तीन भाई जॉन, क्लेरेंस व फ्रैंक?

मनमोहन सिंह
इस कहानी के चार किरदार हैं। फ्रैंक मॉरिस एक छंटा हुआ डकैत था। २० जनवरी १९६० को उसे अल्काट्राज जेल में भेज दिया गया। वहां उसकी मुलाकात एलन वेस्ट से होती है, जो पहले से जेल में सजा काट रहा था। वह १९५७ में इस जेल में आ गया था। दोनों एक-दूसरे को जानते थे, क्योंकि दोनों ही कभी एक साथ फ्लोरिडा जेल में थे। २४ अक्टूबर १९६० को जॉन एंजेलिन १० जनवरी १९६१ को क्लीयरेंस एंजेलिन इस जेल में आए। दोनों सगे भाई थे और दोनों ने जेल तोड़कर भागने की कोशिश की थी।
ये चारों लोग एक-दूसरे को कभी न कभी मिले थे, एक-दूसरे से परिचित थे। फर्क इतना ही था कि फ्रैंक मॉरिस अलग सेल में था, जबकि एंजेलिन ब्रदर और एलन वेस्ट बी ब्लॉक में थे।
सितंबर १९६१ में फ्रैंक मॉरिस ने अथॉरिटी से दरखास्त की कि उसे भी बी ब्लॉक में शिफ्ट कर दिया जाए और उसकी दरखास्त मान ली गई। अब चारों के चारों बी ब्लॉक में थे।
असली कहानी शुरू होती है यहीं से। हालांकि, इस जेल के कानून बड़े सख्त थे फिर भी वैâदियों के लिए सुविधाएं थीं। रात को डिनर के बाद इस जेल में गाने-बजाने का कार्यक्रम होता, जिसमें कैदी भाग लेते और हंगामा होता। इसके अलावा कैदियों को ये छूट थी कि वे अपने शौक के काम कर सकते थे। जिसे गाने का शौक हो वो गा सकता था, जिन्हें बजाने का शौक था वो इंस्ट्रूमेंट बजा सकता था, जिन कैदियों को पेंटिंग का शौक था, पेंटिंग कर सकते थे वगैरह-वगैरह। फ्रैंकलिन मॉरिस को स्टैंडर्ड टोन बजाने का शौक था। इसके अलावा कैदियों से काम भी कराया जाता था, ताकि उनकी कमाई हो और वक्त भी बीत जाए। प्रैंâकलिन को लाइब्रेरी का काम मिला, क्लेरेंस को वैâदियों के बाल काटने का एलेन को बी ब्लॉक की सफाई का और पेंटिंग का काम मिला। एलेन जब ऊपर के ब्लॉक की साफ सफाई करता है तो कचरा नीचे गिरता है, उसकी शिकायत की गई। एलेन ने सुझाव दिया कि वहां एक पर्दा लगा दिया जाए, उसकी बात मान ली गई। खैर, वक्त गुजरता चला गया और वो दिन आया, जिसका जिक्र हमने शुरुआत में किया था कि तीन कैदी इस खतरनाक जेल से फरार होने में कामयाब हो गए! अमेरिका का वह मिथ टूट गया कि उस जेल से कोई फरार नहीं हो सकता। १२ जून १९६२ सुबह ७:३० बजे जब एक सार्जेंट रूटीन काउंटिंग कर रहा था तो उसके होश फाख्ता हो गए थे, क्योंकि तीन वैâदियों के नकली सिर उसके डंडे से लुढ़क गए थे और तीनों कैदी फरार थे। अमेरिका की शान मानी जाने वाली फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (एफबीआई) को इन्वेस्टिगेशन से जुड़ना पड़ा। एक बात जो सामने आई वो ये थी कि तीनों फरार कैदियों के सेल में कमोड से लगे दीवार पर एक आयताकार छेद था। ऐसा ही आयताकार छेद एलन के सेल में भी था। उससे पूछताछ की गई तो शुरुआत में उसने ना-नुकर की, लेकिन जब उसे कहा गया कि यदि वो फरार वैâदियों की योजना का खुलासा कर देगा तो उसे सरकारी गवाह बनाकर उसके खिलाफ मामलों से बरी कर दिया जाएगा। एलेन ने जो कुछ बताया कि एफबीआई अधिकारियों के भी होश गुम हो गए। सारे प्लान का मास्टरमाइंड था, फ्रैंक मॉरिस। जिस दिन वो जेल में आया था, उसी दिन उसने सोच लिया था कि वह जेल से भाग जाएगा। जब उसे जेल में उसके तीन परिचित चेहरों से मुलाकात हुई तो उसके हौसले बुलंद हो गए। उसने तीनों के साथ मिलकर प्लान तैयार किया। यह सभी की जिम्मेदारी थी कि वो अपने अपने तौर पता लगाने की कोशिश करें कि बाहर कैसे निकला जा सकता है।
एफबीआई आज तक पता नहीं लगा पाई!
(क्रमश:)

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