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तहकीकात : खून का बदला खून…लाश को जलाकर चेहरे को पत्थर से कुचल दिया

फिरोज खान

आदर्श नगर पुलिस को पीसीआर कॉल मिली। इसमें मजलिस पार्क मेट्रो स्टेशन के पास एक नाबालिग लड़के का शव पड़े होने की सूचना थी। टीम फौरन रोड नंबर-५१ के साथ स्थित मजलिस पार्क मेट्रो पार्विंâग स्थल पर पहुंची, जहां मेट्रो दीवार के पास एक जला हुआ अज्ञात शव मिला। शव की पहचान करना मुश्किल हो रहा था, क्योंकि एक तो उसे जलाया गया था, दूसरा यह कि चेहरा बुरी तरह कुचला गया था। लाश की शिनाख्त के लिए पुलिस ने सबसे पहले आसपास के पुलिस स्टेशनों में दर्ज गुमशुदगी की रिपोर्ट खंगाली। पता चला एक लड़की ने शिकायत दर्ज करवाई है कि उसका भाई दो दिन से लापता है। पुलिस ने फौरन उसे जली हुई लाश दिखाई। कपड़े और गले में पहनी हुई चेन को देखकर लड़की ने लाश की पहचान करते हुए बताया कि यह उसके भाई की ही लाश है। मृतक की पहचान होते ही पुलिस की जांच में तेजी आ गई। पुलिस के आगे एक और चुनौती थी, वह यह कि हत्या किसने और क्यों की? पोस्टमार्टम रिपोर्ट से भी साबित हो गया कि मामला हत्या का है। पुलिस ने सबसे पहले मृतक की बहन रोशनी का बयान दर्ज किया, जिसमें उसने बताया कि उसका भाई विष्णु अगस्त २०२५ में दीपक नाम के शख्स की हत्या के मामले में शामिल था। जिसके कारण उसे जुवेनाइल होम भेजा गया था। हाल ही में वह जमानत पर रिहा हुआ था। जमानत पर छूटने के बाद वह परेशान दिख रहा था। लड़की ने बताया कि उसने अपने भाई से कई बार परेशान रहने की वजह पूछी थी, लेकिन वह खामोश रहकर टाल देता था। जैसे-जैसे दिन बीत रहे थे वैसे उसकी उलझन और बेचैनी बढ़ने लगी थी। एक रात अचानक उसकी नींद खुली तो क्या देखती है कि उसका भाई मोबाइल पर किसी से धीमी आवाज में बात कर रहा था और पसीने से तरबितर था। उसके हाथ-पांव कांप रहे थे। उस रात भी उसने भाई से हकीकत जानने की कोशिश की लेकिन उसने कुछ नहीं बताया। लड़की ने पुलिस को बताया कि उसे शक हुआ कुछ गड़बड़ है। इसी वजह से वह भाई की हर हरकत पर नजर रख रही थी। आखिरकार वही हुआ जिसका उसे डर था। १ फरवरी को विष्णु घर से निकला और वापस नहीं आया। उसका मोबाइल फोन भी बंद था। घबराकर उसने पुलिस स्टेशन में उसके गुमशुदा की शिकायत दर्ज करवाई। इस तरह की जानकारी मिलते ही पुलिस ने मृतक के मोबाइल कॉल डिटेल्स निकाली। कॉल डिटेल्स से पता चला आखिर बार उसने सुरेश नाम के शख्स के साथ बात की थी। पुलिस ने जांच के आधार पर सुरेश को गिरफ्तार किया। सुरेश ने अपने बयान में बताया उसके भाई के कत्ल में विष्णु शामिल था। हाल ही में वह जमानत पर बाहर आया था। अपने साथी के साथ मिलकर विष्णु की हत्या की साजिश रची। योजना के तहत दोनों ने पत्थर से विष्णु के सिर पर कई वार किए। इसके बाद सबूत मिटाने के मकसद से दोनों ने पेट्रोल डालकर आग लगा दी और चेहरे को पत्थर से कुचल दिया। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से घटना में इस्तेमाल चाकू और स्कूटी बरामद किया। आरोपी सुरेश ने पुलिस को बताया कि हत्या करने का उसे बिलकुल भी अफसोस नहीं है, क्योंकि उसने खून का बदला खून से लिया है।

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