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‘ईरान से अमेरिका को नहीं था कोई खतरा’ … युद्ध के बीच ट्रंप को बड़ा झटका!

नेशनल काउंटर टेररिज्म सेंटर के निदेशक जोसेफ केंट ने दिया इस्तीफा
एजेंसी / वॉशिंगटन
अमेरिका के नेशनल काउंटर टेररिज्म सेंटर के निदेशक जोसेफ केंट ने ईरान के साथ चल रही जंग के विरोध में अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। वह ट्रंप सरकार के पहले और सबसे बड़े अधिकारी हैं, जिन्होंने इस युद्ध को लेकर पद छोड़ा है। जोसफ केंट ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपना इस्तीफा पोस्ट किया। उन्होंने लिखा, ‘मैं अपने विवेक के मुताबिक, इस युद्ध का समर्थन नहीं कर सकता। ईरान से अमेरिका को कोई तात्कालिक खतरा नहीं था। यह युद्ध इजराइल और उसके प्रभावशाली लॉबी के दबाव में शुरू किया गया।’
ईरान पर हमला करने के कुछ ही घंटों बाद ट्रंप ने कहा था कि उन्होंने यह कदम अमेरिकी लोगों की सुरक्षा के लिए उठाया है। केंट ने अपने इस्तीफे में ट्रंप का यह बयान खारिज किया है। कुछ एक्सपर्ट्स का भी कहना है कि किसी देश पर हमला करने या युद्ध शुरू करने के लिए तत्काल खतरे का होना जरूरी होता है। ऐसे में केंट के बयान से इस जंग पर सवाल उठने लगे हैं। ट्रंप ने कहा कि केंट सुरक्षा के मामले में कमजोर थे, मुझे खुशी है कि केंट अब वहां नहीं है। उन्हें लगता था कि ईरान खतरा नहीं है। ऑफिस ऑफ द डायरेक्टर ऑफ नेशनल इंटेलिजेंस ने तुरंत कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। इस खबर से खुफिया एजेंसियों के अधिकारी भी हैरान है। जोसेफ केंट, नेशनल इंटेलिजेंस की निदेशक तुलसी गबार्ड के करीबी माने जाते हैं। गबार्ड ने ईरान युद्ध शुरू होने के बाद से बहुत कम बयान दिए हैं। वह ईरान युद्ध में मारे गए अमेरिकी सैनिकों के पार्थिव शरीर के ट्रांसफर के दौरान ही सार्वजनिक रूप से दिखाई दी थीं। ४५ साल के केंट अमेरिकी स्पेशल फोर्स और सीआईए के अनुभवी अधिकारी रहे हैं। उनकी निजी जिंदगी भी काफी चर्चित रही है। उनकी पत्नी शैनन केंट की २०१९ में सीरिया में एक आत्मघाती हमले में मौत हो गई थी। केंट का इस्तीफा ऐसे समय आया है, जब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है। उनके इस कदम से यह साफ हो गया है कि अमेरिकी सरकार के अंदर भी इस जंग को लेकर मतभेद हैं और सभी लोग इस पैâसले से सहमत नहीं हैं।

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