मुख्यपृष्ठटॉप समाचारमुंबई में फैल रहे आइसिस के पैर!..कुर्ला, गोवंडी बन रहे टेरर के गढ़

मुंबई में फैल रहे आइसिस के पैर!..कुर्ला, गोवंडी बन रहे टेरर के गढ़

– पुणे, मुंब्रा के बाद मुंबई में स्लीपर सेल एक्टिव

-कई ठिकानों पर एटीएस की छापेमारी

– ४ हिरासत में, आपत्तिजनक सामग्री जप्त

-इनके पाकिस्तानी लिंक होने का है अंदेशा

फिरोज खान / मुंबई

महाराष्ट्र के दूर-दराज क्षेत्रों के बाद अब पुणे, मुंब्रा और मुंबई में भी खतरनाक आतंकी संगठन आइसिस खुफिया तरीके से अपने पांव पसारने लगा है। आइसिस का स्लीपर सेल मुंबई में डिजिटल और सोशल मीडिया के जरिए युवाओं को बरगलाकर अपनी खतरनाक मुहिम में शामिल कर रहा है। इसके साथ ही वह ऑनलाइन प्रचार भी कर रहा है। बताया जाता है कि आइसिस के स्लीपर सेल के तार पाकिस्तानी आतंकी संगठनों से भी जुड़े हुए हैं। ये स्लीपर सेल पाकिस्तानी आकाओं के आदेश पर अपने नापाक मंसूबे को अंजाम देने की फिराक में लगे हुए हैं। यह जानकारी मिलते ही एटीएस के कान खड़े हो गए और उसने इन्हें ट्रैक करना शुरू किया। इसके बाद सोमवार देर रात मुंबई के तीन ठिकानों पर एटीएस ने बड़ी छापेमारी कर ४ संदिग्धों को हिरासत में ले लिया। यह कार्रवाई देर शाम शुरू हुई और देर रात तक जारी रही।
कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त
एटीएस की छापेमारी के दौरान मोबाइल फोन, लैपटॉप समेत कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए गए और कई लोगों से पूछताछ की गई। इन सबकी जांच जारी है। माना जा रहा है कि इनके डिकोड होने के बाद कई सनसनीखेज खुलासे हो सकते हैं।
कट्टरपंथी सामग्री का प्रसार
खुफिया इनपुट के आधार पर कुर्ला और गोवंडी के शिवाजी नगर इलाके में समन्वित तरीके से छापे मारे गए। इनपुट में कुछ व्यक्तियों के डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से कट्टरपंथी सामग्री के प्रसार और उपभोग से जुड़े होने की आशंका जताई गई थी।
जप्त उपकरणों की हो रही है फोरेंसिक जांच!
आइसिस स्लीपर सेल के जानकारी मिलते ही एटीएस की टीम एक्टिव हो गई। एटीएस ने तीन ठिकानों पर एक साथ छापे मारकर ४ संदिग्धों को हिरासत में लिया है। एटीएस सुरक्षा में किसी भी प्रकार की कोई भी कोताही नहीं चाहती, इसलिए इनपुट आते ही छापेमारी शुरु कर दी। जब्त किए गए इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की फॉरेंसिक जांच शुरू कर दी गई है। इस जांच के जरिए ऑनलाइन गतिविधियों, संचार के माध्यमों और संभावित भर्ती प्रयासों से जुड़े साक्ष्य जुटाने की कोशिश की जा रही है। एटीएस का मानना है कि डिजिटल उपकरणों की जांच से इस नेटवर्क की पूरी कड़ी सामने आ सकती है। छापेमारी के दौरान कई लोगों से पूछताछ भी की गई, ताकि उनकी कथित संलिप्तता की प्रकृति और दायरे का पता लगाया जा सके। यह कार्रवाई आतंकी गतिविधियों और आइसिस से जुड़ी प्रचार सामग्री के ऑनलाइन प्रसार की चल रही जांच का हिस्सा है। अभी तक एटीएस की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है और मामले में आगे की जानकारी का इंतजार है।
बता दें कि फरवरी महीने में महाराष्ट्र में एटीएस ने बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन चलाया था। मुंबई एटीएस की टीमों ने यवतमाल और अहिल्यानगर जिलों में कुल २१ ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की थी। आश्चर्य की बात यह है कि २१ ठिकानों पर डाली गई रेड के बावजूद किसी एक व्यक्ति के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं की गई।
शिक्षक के घर छापेमारी
नवंबर २०२५ में महाराष्ट्र में एटीएस ने मुंब्रा-कौसा में एक बड़ी कार्रवाई की थी। इस दौरान कार्रवाई करते हुए शिक्षक के घर पर छापेमारी कर कई आपत्तिजनक सामग्री जब्त की थी। यह कार्रवाई पुणे में अल-कायदा से जुड़े एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर को गिरफ्तार किए जाने के बाद की गई थी। उसके पास से संदिग्ध साहित्य बरामद हुआ था। उसी मामले की कड़ी में मुंब्रा में यह छापेमारी हुई थी।

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