हिंदुस्थान इस समय अपनी आजादी का अमृत महोत्सव मना रहा है। ऐसा हम नहीं कह रहे, बल्कि देश की आम जनता कह रही है। वही जनता जो गैस सिलेंडर की लाइन में खड़ी है। यह सोशल मीडिया का जमाना है और कोई कितनी भी बात बना ले, पर सच्चाई छुप नहीं सकती। इस समय सड़क से संसद तक हर तरफ गैस सिलेंडर ही चर्चा में छाया हुआ है। प्रधानमंत्री वैसे तो संसद में ज्यादा दिखते नहीं हैं, और जब दिखे भी तो यह कहकर अपना पल्ला झाड़ लिया कि देश में गैस की कोई किल्लत नहीं है और कुछ लोग बस यूं ही एलपीजी को लेकर पैनिक क्रिएट कर रहे हैं। मोदी के नहले पर नेता प्रतिपक्ष ने दहला मारते हुए वहीं संसद परिसर में कहा कि पीएम नो नीड टू पैनिक कह रहे हैं, पर वे खुद ही पैनिक मोड में हैं। वो एपस्टीन को लेकर पैनिक में हैं, अडानी केस को लेकर पैनिक में हैं। वे हाउस के अंदर नहीं आते। यह सारी चर्चा इन दिनों सोशल मीडिया पर रील के माध्यम से सार्वजनिक तौर पर उपलब्ध है। एक शख्स ने तो सारी घटनाओं को बहुत ही प्यार के साथ एडिट करके सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया है। जब मोदी ने पैनिक वाली बात कही तो इसके अगले सीन में एक महिला रोती नजर आती है, जो रिपोर्टर को कह रही है कि उसके घर में चार दिनों से खाना नहीं बना। बच्चे भूखे हैं। इसके बाद पेट्रोलियम मंत्री हरदीप पुरी का बयान आता है कि देश में गैस की कोई कमी नहीं है। लोग झूठ पैâला रहे हमने गैस का उत्पाद बढ़ा दिया है। इसके अगले सीन में एक आदमी चिल्ला रहा है कि डीलरों ने भाव बढ़ा दिए हैं। कहते हैं लेना है तो लो, वर्ना जाओ। फिर केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह का बयान आया कि किसी को घबराने की जरूरत नहीं है। फिर जनता का शॉट आता है। एक आदमी कह रहा है, कल सुबह लाइन में ५०० लोग खड़े थे। आज फिर आया हूं और भीड़ वैसी ही है। तो आप समझ गए न कि देश इस वक्त वैâसा अमृत महोत्सव मना रहा है।
