सामना संवाददाता / मुरादाबाद
स्वास्थ्य एवम् परिवार कल्याण और रसायन एवम् उर्वरक मंत्रालय के कैबिनेट मंत्री श्री जेपी नड्डा टीएमयू को ज्ञान का केन्द्र बताते हुए बोले, तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी देश की उत्कृष्ट यूनिवर्सिटीज़ में एक है। शिक्षा, चिकित्सा और इन्नोवेशन के क्षेत्र में टीएमयू बड़ा काम कर रही है। उन्होंने टीएमयू की बड़ी उपलब्धियों को गिनाते हुए कहा, 17 हजार से अधिक स्टुडेंट्स, 150 डिसिप्लिन्स में 60 प्रतिशत से अधिक डिसिप्लिन मेडिकल और उसके एलायंस क्षेत्रों से होना अपने आपमें बड़ी बात है। एक छत के नीचे ही मल्टी डिसिप्लिनरी शिक्षा प्रदान करने के लिए टीएमयू को साधुवाद देता हूं। 75 करोड़ रुपए की धनराशि बतौर स्कॉरलिश देना टीएमयू का शिक्षा के प्रति समर्पण को दिखाता है। टीएमयू स्टुडेंट्स को एकेडमिक एक्सीलेंस के संग-संग सामाजिक बोध और लीडरशिप के गुर भी प्रदान करती है। श्री नड्डा तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी, मुरादाबाद के दीक्षांत समारोह- 2026 में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे। इससे पूर्व मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्जवलन के संग दीक्षांत समारोह का शंखनाद हुआ। दीक्षांत समारोह-2026 में एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर श्री अक्षत जैन ने भावी योजनाओं के तहत तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी में जल्द कैंसर हॉस्पिटल खुलने का ऐलान किया । समारोह में स्वास्थ्य एवम् परिवार कल्याण के कैबिनेट मंत्री श्री जेपी नड्डा और पदमश्री श्रीमती मालिनी अवस्थी को डी. लिट. की मानद उपाधि से विभूषित किया गया । इस ऐतिहासिक पल के यूपी के उप मुख्यमंत्री एवम् चिकित्सा शिक्षा और परिवार कल्याण मंत्री श्री ब्रजेश पाठक, यूपी के वित्त एवम् संसदीय कार्य मंत्री श्री सुरेश कुमार खन्ना, निवर्तमान प्रदेश अध्यक्ष चौधरी भूपेन्द्र सिंह, यूपी के मंत्री श्रीमती गुलाब देवी, श्री बलदेव सिंह औलख, कुलाधिपति श्री सुरेश जैन, जीवीसी श्री मनीष जैन आदि साक्षी बने। समारोह में फर्स्ट लेडी श्रीमती वीना जैन, श्रीमती ऋचा जैन, श्रीमती जहान्वी जैन, सुश्री नंदिनी जैन की भी उल्लेखनीय मौजूदगी रही। समारोह में मेहमानों ने 6,041 डिग्रियां वितरित कीं। 36 रिसर्च स्कॉर्ल्स पीएचडी तो 108 गोल्ड, 105 रजत और 98 ब्रांज मेडल्स से स्टुडेंट्स अलंकृत हुए। कुलाधिपति श्री सुरेश जैन, जीवीसी श्री मनीष जैन, ईडी श्री अक्षत जैन, टीएमयू परिवार के वरिष्ठ सदस्य श्री अमित जैन ने मुख्य अतिथि समेत सभी मेहमानों को बुके, शाल, स्मृति चिन्ह और पोट्रेट देकर सम्मानित किया। मुख्य अतिथि ने समारोह में अति आधुनिक इंक्यूबेशन सेंटर, टिंकर्स लैब और बाहुबली जिम का वर्चुअली शुभारम्भ किया। समारोह में टीएमयू के पूर्व विजिटर श्री अरविंद गोयल, एमएलसी डॉ. जयपाल सिंह व्यस्त, शहर एमएलए श्री रितेश गुप्ता, एमएलसी श्री हरि सिंह ढिल्लो, विधायक श्री रामवीर सिंह, मेयर श्री विनोद अग्रवाल, जिला पंचायत अध्यक्षा डॉ. शैफाली चौहान, डॉ. विशेष गुप्ता, श्री वीर सिंह आदि की भी गरिमामयी मौजूदगी रही। कुलपति प्रो. वीके जैन ने यूनिवर्सिटी की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की तो सीओई डॉ. प्रदीप अग्रवाल ने डिग्री वितरण से पूर्व कुलाधिपति से स्क्रॉल पर हस्ताक्षर कराए। ज्वाइंट रजिस्ट्रार डॉ. वैभव रस्तोगी ने शैक्षणिक शोभायात्रा का नेतृत्व किया। डीन एकेडमिक्स प्रो. मंजुला जैन और डॉ. माधव शर्मा ने बारी-बारी से समारोह का संचालन किया।
स्टुडेंट्स को संबोधित करते हुए श्री नड्डा ने कहा, आप लोग भाग्यशाली हैं, जो आप भारत को गढते हुए देख रहे हो। 2047 के विकसित होते गुलजार भारत के आप साक्षी बनोगे। उन्होंने टीएमयू के स्टुडेंट्स को प्रोत्साहित करते हुए कहा, आप सेमीकंडटर्स, इंफ्रास्ट्रक्चर, एआई, एडवांस मैन्युफैक्चरिंग आदि क्षेत्रों में कार्य करके देश के विकास में अग्रणी की भूमिका निभा सकते हो। उन्होंने स्टुडेंट्स को बदलाव का इंतजार करने के बजाए स्वंय बदलाव के लीडर बनने का मूल मंत्र दिया । युवा शक्ति के हाथ में ही देश का भविष्य है। इसीलिए युवाओं को मेडिकल, शिक्षा, इन्नोवेशन, रिसर्च, एंटरप्रिन्योरशिप आदि को आत्मसात करना होगा। यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी विकसित भारत के विज़न को साकार करने में दिन-रात कर्मठता से जुटे हैं। श्री मोदी की डायनामिक लीडरशिप में भारत हर क्षेत्र में लंबी छलांग लगा रहा है। अब हम दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था की ओर अग्रसर हैं। आज भारत 7.4 प्रतिशत की ग्रोथ रेट से प्रगति पथ पर आगे बढ़ रहा है। वर्तमान में 23 आईआईटीज़, 21 आईआईएमस, 23 एम्स भारत की तेज प्रगति के प्रमाण है। आयुष्मान योजना का जिक्र करते हुए कहा, 71 करोड़ लोगों को निःशुल्क इलाज का एश्योरेंस देने वाली यह दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य योजना है। वैश्विक पटल पर भी हम छाए हुए हैं। प्रमुख पत्रिका लेंसेंट का हवाला देते हुए कहा, लेंसेंट का मनाना है, कैंसर का पता चलने के 90 दिन के अंदर ही भारत में इलाज शुरू हो जाता है। उन्होंने कहा, प्राथमिक शिक्षा हमारा मूल अधिकार है, जबकि उच्च शिक्षा प्रिविलेज है।
डिप्टी सीएम एवम् चिकित्सा शिक्षा और परिवार कल्याण मंत्री श्री ब्रजेश पाठक ने बेहद संक्षिप्त, लेकिन अपने सारगर्भित संबोधन में बोले, यूपी की हमारी सरकार युवाओं के सपनों को साकार करने के लिए संकल्पित है। वह युवाओं के संग हर समय कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है। उन्होंने टीएमयू के पासआउट स्टुडेंट्स को हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए कहा, वे अब जीवन में नई ऊंचाइयों को छूते हुए अपने सपने साकार करें। उन्होंने कुलाधिपति श्री सुरेश जैन के शिक्षा के क्षेत्र में सेवा, समर्पण और संकल्प के लिए साधुवाद दिया। यूपी के वित्त एवम् संसदीय कार्य मंत्री श्री सुरेश कुमार खन्ना उच्च शिक्षा में इन्नोवेशन की वकालत करते हुए बोले, आने वाला वक्त एआई का होगा, इसीलिए एआई के ज्ञान और प्रयोग को आत्मसात करना जरूरी है। डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णनन का भावपूर्ण स्मरण करते हुए बोले, शिक्षा का उद्देश्य स्वतंत्र सोच वाले सृजनशील व्यक्तियों का निर्माण करना है। उन्होंने स्टुडेंट्स को सलाह दी, वे अहंकार से और नशे से दूर रहें, क्योंकि तनाव से खुशियां कम हो जाती हैं। अंत में बोले, प्रगतिवादी के संग-संग मानवतावदी भी बनें।
कुलाधिपति श्री सुरेश जैन ने यह शेर सुनाकर समारोह में मौजूद हजारों स्टुडेंट्स की हौसलाफजाई की- रास्ते खुद बन जाते हैं, चलने वालों के लिए… मंजिले इंतजार करती हैं, मेहनत करने वालों के लिए…। साथ ही उन्होंने यह भी ताकीद किया, यदि कभी जाने-अनजाने गलती हो जाए तो जीवन में इस कथन को क्रियान्वित कर लें। किसी को माफ कर दिया मैंने… किसी से मांग ली माफी…। यहीं तरक्की का मूल मंत्र है। एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर श्री अक्षत जैन ने कहा, यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के डिजिटल इंडिया के ड्रीम को टीएमयू जल्द ही साकार करेगी। यूनिवर्सिटी में पेपरलेस वर्किंग कल्चर होगा। स्टुडेंट्स की एंट्री से लेकर एग्जिट तक सबकुछ डिजिटल हो जाएगा। वोट ऑफ थैंक्स के दौरान अपने जोशीले संबोधन में श्री जैन ने अंत में अपने संकल्पों पर जोर देते हुए कहा, बेहतर से बेहतर की तलाश करो, मिल जाए नदी तो समुन्दर की तलाश करो। यूं तो पत्थर तोड़ देता है शीशे को, जो पत्थर को तोड़ सके ऐसा हीरा तलाश करो। समारोह की सफलता का श्रेय उन्होंने सभी को दिया।
पदमश्री मालिनी अवस्थी ने गीतों से किया ऊर्जा का संचार
जानी-मानी लोकगायिका एवम् पदमश्री श्रीमती मालिनी अवस्थी ने यह कहते हुए गीत प्रस्तुत किया, मैं शैक्षणिक संस्थानों में अक्सर यही गीत गुनगुनाती हूं। चूंकि मैं तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी के कैंपस में हूं, इसीलिए जिओ और जीने दो पर केंद्रित गीत सुनाती हूं-
खुद जीओ और औरों को भी जीने दो,
यही तो है जिंदगी का रास्ता,
तुम्हें अमन और शांति का वास्ता
यही तो है जिंदगी का रास्ता…
चांसलर श्री सुरेश जैन के विनम्र आग्रह पर उन्होंने अपनी बेहद लोकप्रिय कजरी अवधी-भोजपुरी की चंद पक्तियां भी गुनगुनाईं। बोलीं, जब आप यूनिवर्सिटी में मेरा शो करोगे तो यह कजरी पूरा सुनाऊंगी। कुलाधिपति ने आश्वस्त किया, आपको जल्द ही आमंत्रण मिलेगा।
सैंया मिले लरकइयां मैं का करूं
बारह बरस की मैं ब्याह कर आई
सैंया चले पलबइयां मैं का करूं
सैंया मिले लरकइयां मैं का करूं..
