मुख्यपृष्ठनए समाचार‘ब्लू स्पैरो’ मिसाइल के शिकार बने खामेनेई!

‘ब्लू स्पैरो’ मिसाइल के शिकार बने खामेनेई!

-इजराइल ने खास दुश्मनों के लिए बनाया है सबसे घातक हथियार

सामना संवाददाता / मुंबई

अमेरिका और इजराइल ने गत २८ फरवरी को ईरान पर अब तक का सबसे बड़ा हमला कर ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या कर दी। इस ऑपरेशन में ईरान के कई वरिष्ठ नेताओं और रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाया गया था। अब इस हमले को लेकर कई अहम खुलासे हुए हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस हमले में इजराइल ने सबसे खतरनाक माने जाने वाले ‘ब्लू स्पैरो मिसाइल’ का इस्तेमाल किया था।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह मिसाइल पहले पृथ्वी के वायुमंडल के नजदीक तक जाती है और फिर बहुत तेज रफ्तार से अपने लक्ष्य की ओर लौटती है। इससे इसे रोकना काफी मुश्किल माना जाता है। इस वजह से इसे ‘मिसाइल प्रâॉम स्पेस’ का भी नाम दिया गया है। कथित तौर पर ईरान ने यह मिसाइल तब दागी जब तेहरान में सैन्य नेतृत्व की एक अहम बैठक चल रही थी। ‘ब्लू स्पैरो’ मिसाइल को इजराइल ने ही तैयार किया है। यह एक एडवांस एयर लॉन्च्ड बैलिस्टिक मिसाइल है। रिपोर्ट के अनुसार, इस मिसाइल की मारक दूरी लगभग २,००० किलोमीटर है। मिसाइल की लंबाई करीब ६.५ मीटर और इसका वजन लगभग १.९ टन के करीब है।
३० मिसाइलें दागीं
इजराइल ने तेहरान में जिस सटीकता से हमला किया, उससे यह स्पष्ट है कि यह एक बेहद समन्वित ऑपरेशन था, जिसमें खुफिया जानकारी, निगरानी और सटीक हथियारों का इस्तेमाल किया गया। २८ फरवरी की सुबह करीब साढ़े ७ बजे इजरायली ई-१५ लड़ाकू विमान मिशन पर भेजे गए। इसके लगभग दो घंटे बाद इन विमानों ने खामेनेई से जुड़े परिसर पर करीब ३० मिसाइलें दागीं, जिनमें ब्लू स्पैरो सिस्टम भी शामिल थे। उस समय परिसर में ईरान के कई वरिष्ठ राजनीतिक और सैन्य अधिकारी मौजूद थे। हमले में खामेनेई की मौत हो गई।

अन्य समाचार