मरने से पहले खाड़ी देशों पर हमले का आदेश दे गए थे खामेनेई
एजेंसी / तेहरान
अमेरिका और इजराइल के हमले में ईरान के सर्वोच्च धार्मिक नेता अयातुल्ला खामेनेई की मौत के बाद लगा था कि युद्ध खत्म हो जाएगा। पर ऐसा नहीं हुआ बल्कि ईरान पास-पड़ोस के देशों में स्थित अमेरिकी अड्डों पर ताबड़तोड़ मिसाइल हमले कर रहा है। इसमें अमेरिका के कई सैनिकों के मारे जाने की खबर है और उसे काफी नुकसान भी हुआ है। अब पता चला है कि खामेनेई को पता था कि कभी भी उनकी मौत हो सकती है। इसलिए वे एक ‘सीक्रेट वॉर ब्लूप्रिंट’ बनाकर गए थे। बता दें कि ईरान के इस ‘सीक्रेट वॉर ब्लूप्रिंट’ प्लान का मकसद पूरे मिडिल ईस्ट में अफरा-तफरी फैलाना, ग्लोबल एनर्जी मार्वेâट में रुकावट डालना और अमेरिका और इजराइल पर अपना कैंपेन रोकने का दबाव बनाना है।
हमले रुकने नहीं चाहिए
खामेनेई को उम्मीद थी कि वह मारे जाएंगे और शहीद की तरह अपने कंपाउंड में रहेंगे, क्योंकि यदि उनकी मौत हो जाए तो भी ईरान के लिए हमले जारी रखने के लिए उन्होंने पहले ही कदम उठा लिए थे। इस प्लान में कतर की गैस फैसिलिटी, सऊदी अरब की सबसे बड़ी रिफाइनरी, खाड़ी के होटलों और एयरपोर्ट पर हमले और बहरीन से इराक तक अमेरिकी बेस पर ड्रोन और मिसाइल हमले शामिल हैं।
