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ईरान की सुरक्षा में महासेंध … खामेनेई का बॉडीगार्ड ही निकला सीआईए का एजेंट!

-यूएस को `करीबी’ ने दिया था `सुप्रीम लीडर’ की लास्ट लोकेशन का पता
-ईरान की सुरक्षा एजेंसियों में मचा हड़कंप
एजेंसी / तेहरान
ईरान की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक बड़ा और चौंकाने वाला दावा सामने आया है। एक रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान के सुप्रीम लीडर की सुरक्षा टीम में शामिल एक बॉडीगार्ड पर अमेरिकी खुफिया एजेंसी (सीआईए) के लिए जासूसी करने का आरोप लगा है। बताया जा रहा है कि इसी करीबी शख्स ने कथित तौर पर अमेरिकी एजेंसियों को खामेनेई की आखिरी लोकेशन से जुड़ी संवेदनशील जानकारी दी थी। यह जानकारी मोबाइल फोन ट्रैकिंग और डिजिटल कम्युनिकेशन के जरिए सामने आई बताई जा रही है। इस खुलासे के बाद ईरान की सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया है। माना जा रहा है कि मामले की जांच तेज कर दी गई है और सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा भी की जा रही है।
बता दें कि पिछले साल गर्मियों में ईरान ने अपने सभी वीआईपी को मोबाइल फोन रखने से रोक दिया था। डर था कि लोकेशन ट्रैक कर इजरायल हमला कर सकता है। अब पता चला है कि उस समय पश्चिमी एजेंसियों ने ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई को भी ढूंढ़ लिया था लेकिन तब उनका मकसद सत्ता परिवर्तन नहीं था इसलिए चोट नहीं पहुंचाई गई। बाद में तेहरान ने एक बड़ी गलती कर दी। टॉप लीडर और कमांडरों के फोन तो रखवा लिए लेकिन बॉडीगार्ड और ड्राइवरों को फोन ले जाने दिया। ऐसे में ईरान की टॉप लीडरशिप को टारगेट करने के लिए मोसाद सुरक्षा संभालने वाले कमांडो के पीछे पड़ गई। अब खुलासा हुआ है कि खामेनेई का बॉडीगार्ड ही सीआईए का जासूस था। डेली मेल की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि सीआईए ने अपने एक जासूस को खामेनेई की सुरक्षा संभालने वाले इनर सर्कल में घुसा दिया था। वह सुप्रीम लीडर के इतने करीब था कि उसी ने टाइम कन्फर्म किया कि बिल्डिंग पर हमला कब किया जाए।

हमले के बाद ऐप पर आने लगे दनादन मैसेज
हां, तेहरान पर बमबारी शुरू होने के बाद इजरायल ने फौरन ईरानियों को मैसेज करना शुरू कर दिया। दरअसल `बड़ेसबा’ वहां का प्रेयर-टाइम वैâलेंडर ऐप है। लाखों लोगों के फोन में है। पहले बड़े धमाके के कुछ देर बाद सुबह ९.५२ बजे ईरान में ऐप से दनादन मैसेज आने लगे। एक मैसेज आया, `हथियार उठाओ और आजादी के लिए साथ दो।’

कई वर्षों से तेहरान के ट्रैफिक कैमरे हुए थे हैक
कई साल पहले ही मोसाद तेहरान के ट्रैफिक वैâमरे के नेटवर्क को हैक कर चुका था। एक वैâमरा तेहरान के पाश्चर स्ट्रीट के उस कंपाउंड के एंट्रेस पर भी लगा था। इसी से इजरायली एजेंसी को पता चला कि सीनियर नेताओं और अफसरों के बॉडीगार्ड कौन हैं और ड्राइवर गाड़ी कहां पार्क करते हैं। अब शनिवार का दिन आया। तय हुआ कि उधर से मिसाइल चलेगी इधर से जासूस सारे कम्युनिकेशन कट करके बाहर हो जाएगा।

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