अमर झा / मीरा रोड
मीरा रोड स्टेशन के बाहर ऑटो चालको की दादागीरी चरम पर है। यात्री से रूखा व्यवहार इनकी दिनचर्या में शामिल है। यात्री अगर मन मुताबिक न मिले तो इनका रूखा व्यवहार देखते ही बनता है। ऐसे ऑटो चालक बीमार और गर्भवती महिला यात्रियों की परिस्थिति को भी नहीं समझते हैं।
नो पार्किंग पर करते हैं ऑटो रिक्शा खड़ा
मीरा रोड के ऑटो रिक्शा चालक में कुछ मनचले रिक्शा चालक नो पार्किंग पर रिक्शा खड़ा करते हैं, नो पार्किंग पर रिक्शा खड़ा करने के कारण कभी-कभी ट्रैफिक जाम की समस्या खड़ी हो जाती है। अक्सर देखा जाता है कि मीरा रोड स्टेशन तक पहुंचने वाली बस या बड़ी गाड़ी स्टेशन के पास से यू टर्न ले लेती हैं, लेकिन ऑटो वाले नो पार्किंग पर अपना रिक्शा खड़ा ही रखते हैं। दोपहर के समय आवागमन कम होने के कारण अवैध पार्किंग से उतनी परेशानी नहीं होती है। लेकिन ड्यूटी के समय आने जाने में अवैध पार्किंग बड़ी ट्रैफिक समस्या को जन्म देती है।
यात्रियों के साथ बदसलूकी
अक्सर देखा जाता है कि मीरा रोड के कइ रिक्शा चालक यात्रियों के साथ दादागीरी करते है। ऐसे ऑटो चालक यह भी नहीं देखते हैं कि यात्री किस परिस्थिति में रिक्शा खोज रहा है। इस मामले में वहां कार्यरत ट्रैफिक कर्मचारी ने बताया कि कई बार हम लोगों ने ऐसी कठिन परिस्थितियों में लोगों को ओटो ढूंढते देखा है जिसमें गर्भवती महिला रिक्शा लेने को परेशान हैं और रिक्शा चालक उनके गंतव्य स्थान को पूछकर उनको बिना बिठाए आगे बढ़ जाता है। उस परिस्थित में हम रिक्शा चालकों को रोककर यात्रियों को गंतव्य तक छोड़ने को कहते हैं। इस मामले में मीरा-भयंदर के वरिष्ठ पी आई सागर इंगोले (ट्रैफिक विभाग) से जब यात्री की समस्या को लेकर बात की तो उन्होंने बताया कि अगर कोई ऑटो चालक किसी भाड़े को नकारता है या गलत व्यवहार करता है तो उसकी सूचना यात्री ट्रैफिक पुलिस को तुरंत दें। ऑटो का फोटो लेकर पुलिस को भेजें, उस पर तुरंत कर्रवाई की जाएगी।
