-आर-सिटी मॉल के पास ‘क्रैक’ से मचा हड़कंप
– कुछ दिनों पूर्व मुलुंड में हुआ था हादसा
-ऊपर से गिरा था बगल का हिस्सा
-१ शख्स की मौत, ३ हुए थे घायल
– ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट करने की मांग
सामना संवाददाता / मुंबई
मुंबई में मेट्रो परियोजनाओं की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर संकट खड़ा हो गया है। मुलुंड में हाल ही में मेट्रो स्लैब का एक टुकड़ा गिरने पर एक व्यक्ति की मौत के बाद उठे सवाल अभी शांत भी नहीं हुए थे कि अब घाटकोपर क्षेत्र में मेट्रो लाइन-४ के बीम में बड़ी दरारें पाई जाने से हड़कंप मच गया है। सैकड़ों लोगों की जान के लिए खतरा बने इस मेट्रो बीम के साथ ही यह मामला सीधे तौर पर निर्माण गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था पर उंगली उठाता है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, २१ फरवरी २०२६ को एक नागरिक ने व्हॉट्सऐप के माध्यम से शिकायत दर्ज कराई कि एल.बी.एस. रोड स्थित आर-सिटी मॉल के पास मेट्रो लाइन-४ के सुपर स्ट्रक्चर बीम में ‘मैक्रो व्रैâक्स’ स्पष्ट दिखाई दे रहे हैं। शिकायत मिलते ही मनपा के ‘एन’ वार्ड विभाग ने तत्काल संज्ञान लिया और संबंधित अधिकारियों को कड़े निर्देश जारी किए। इसके बाद मरम्मत की औपचारिकताएं पूरी की गर्इं। ‘एन’ वार्ड विभाग कार्यालय की ओर से कहा गया है कि केवल दरार वाले हिस्से ही नहीं, बल्कि पूरे सेक्शन के सभी संरचनात्मक घटकों की विस्तृत जांच की जाए। बीम और अन्य ढांचागत हिस्सों की स्थिरता निर्धारित मानक के अनुरूप परखी जाए। साथ ही कानूनी पैनल में शामिल तकनीकी विशेषज्ञ या अधिकृत स्ट्रक्चर कंसल्टेंट से निरीक्षण कराकर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया है।
अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी!
निर्माणाधीन मेट्रो-४ के पिलर में आई दरार ने पूरे प्रशासन में हड़कंप मचा दिया है। इस बारे में मनपा ‘एन’ वार्ड ने संबंधित अधिकारियों को पत्र लिखकर कड़े निर्देश जारी किए हैं। पत्र में साफ चेतावनी दी गई है कि यदि आदेशों की अवहेलना हुई और कोई दुर्घटना घटी तो उसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित एजेंसी पर तय की जाएगी। प्रशासन ने दो टूक कहा है कि जनहानि या आर्थिक नुकसान की पुनरावृत्ति बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मुंबई की जीवन रेखा बनने का दावा करने वाली मेट्रो परियोजनाओं पर अब जवाबदेही और सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे हैं। लगातार सामने आ रही घटनाओं ने मुंबईकरों के मन में भय और आक्रोश दोनों पैदा कर दिए हैं। लोगों के मन में सवाल उठ रहा है कि क्या करोड़ों रुपयों की परियोजनाओं में सुरक्षा मानकों से समझौता किया जा रहा है? यदि समय रहते सख्त और पारदर्शी कार्रवाई नहीं हुई तो यह लापरवाही किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती है।
कठोरतम कार्रवाई होनी चाहिए
मुलुंड हादसे के बाद ठेकेदार पर लगाए गए दंड पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा नेता और राज्य के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने कहा कि लोगों की जान जोखिम में डालने वाले ठेकेदारों पर केवल आर्थिक जुर्माना पर्याप्त नहीं है। ऐसे मामलों में आपराधिक मुकदमा दर्ज होना चाहिए और कठोरतम कार्रवाई की जानी चाहिए।
