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राज्यों को पैसे-पैसे के लिए मोहताज कर रहे हैं मोदी!… केंद्र ने चलाई ‘कड़की’ योजना!

पश्चिम बंगाल, पंजाब और दिल्ली से उठे विरोध के स्वर
 महाराष्ट्र सरकार ने साधी चुप्पी
 अजीत पवार से विपक्ष ने पूछा सवाल

केजरीवाल दूसरे ऐसे विपक्षी नेता हैं, जिन्होंने केंद्र सरकार पर सीधा आरोप लगाया है कि उसने राज्य सरकारों का फंड रोक दिया है। केजरीवाल के अलावा पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी भी केंद्र सरकार की हरकतों से काफी नाराज हैं।’
जब से मोदी सरकार ने केंद्र में सत्ता संभाली है, तब से विपक्षी राज्यों के साथ वह सौतेला व्यवहार कर रही है। वेंâद्र सरकार विभिन्न योजनाओं के तहत राज्यों को धन मुहैया कराती है। अब जहां भाजपा का शासन है वहां तो वह कोटे का धन आबंटित कर देती है, पर जहां विपक्ष का शासन है वहां वह धन देने में आनाकानी करती है। ऐसा लगता है मानो राज्यों को पैसे-पैसे के लिए मोहताज करने के लिए मोदी सरकार ‘कड़की’ योजना चला रही है। इसके परिणामस्वरूप उन राज्यों का विकास तो प्रभावित होता ही है, साथ ही वहां राज्य सरकार की छवि भी आम आदमी के बीच खराब होती है। इस तरह का काम मोदी सरकार राज्य सरकार की छवि आम आदमी की नजर में धूमिल करने के षडयंत्र के तहत करती है। जब महाराष्ट्र में विपक्षी महाविकास आघाड़ी की सराकर थी तब यही मोदी सरकार ने कई योजनाओं के धन रोक लिए थे। बतौर वित्त मंत्री अजीत पवार ने कई बार इसका जिक्र किया भी था। आज भाजपा से मिलकर सत्ता की गोद में जा बैठे अजीत पवार ने चुप्पी साध रखी है, क्योंकि राज्य में भाजपा ने धोखे से अपनी सरकार बना ली है और अजीत पवार उसके प्रमुख स्तंभ बन चुके हैं। ऐसे में विपक्ष अजीत पवार से सवाल पूछ रहा है। खैर, यह तो हुई महाराष्ट्र की बात, अब पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने वेंâद्र पर पंâड रोकने का आरोप लगाया है। इसी तरह का आरोप पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी लगाया है। दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल तो केंद्र पर अक्सर फंड रोकने का आरोप लगाते रहते हैं।
गौरतलब है कि ‘आप’ प्रमुख और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दावा किया है कि पंजाब में उनकी पार्टी की सरकार द्वारा किए जा रहे विकास कार्यों को रोकने के लिए वेंâद्र पंजाब का धन रोक रहा है। इसका सीधा मतलब है कि अगर पंजाब में विकास कार्यों को गति मिल जाएगी तो फिर वहां भाजपा की दाल नहीं गलेगी। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, केजरीवाल ने पंजाब में विकास क्रांति रैली के दौरान वेंâद्र के साथ ही पंजाब के प्रमुख दल अकाली दल को भी निशाने पर लिया। ‘आप’ का दावा है कि उसके राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी ने वेंâद्र सरकार से पंजाब सरकार के पंâड को रोकने के लिए कहा है। केजरीवाल ने मंडियों में सड़कों के निर्माण के लिए ग्रामीण विकास निधि के ५,५०० करोड़ रुपए रोकने के लिए भी वेंâद्र की आलोचना की। पंजाब सरकार के अनुसार, वेंâद्र सरकार ने स्वास्थ्य के लिए पंजाब का पंâड रोक दिया है। हाल फिलहाल में केजरीवाल हिंदुस्थान के दूसरे ऐसे विपक्षी नेता हैं, जिन्होंने वेंâद्र सरकार पर सीधा आरोप लगाया है कि उसने राज्य सरकारों का पंâड रोक दिया है।
केजरीवाल के अलावा प. बंगाल की सीएम ममता बनर्जी भी वेंâद्र की हरकतों से काफी नाराज हैं। ममता ने दावा किया है कि केंद्र ने मनरेगा के लिए प. बंगाल के पंâड को रोक दिया है। ममता बनर्जी तो इतने गुस्से में हैं कि उन्होंने साफ शब्दों में वेंâद्र सरकार को चेतावनी भरे लहजे में कह दिया कि केंद्र सरकार को राज्य में सामाजिक कल्याण योजनाओं के लिए धन मुहैया कराना चाहिए या फिर इस्तीफा देना चाहिए। असल में मनरेगा के अलावा केंद्र ने जीएसटी का भी हिस्सा रोक रखा है। इसके अलवा आवास और ग्रामीण रोजगार योजनाओं के लिए भी धन नहीं दिया जा रहा है। ममता फिलहाल दिल्ली में हैं और उन्होंने प्रधानमंत्री से मिलने का समय मांगा है ताकि इस मामले को सुलझाया जा सके। अब देखना है वेंâद्र और विपक्ष शासित राज्यों का यह टकराव किस मोड़ पर पहुंचता है।

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