मुख्यपृष्ठनए समाचारदेश में मोदी की तानाशाही अब नहीं चलेगी!

देश में मोदी की तानाशाही अब नहीं चलेगी!

-खड़गे का पीएम पर सीधा अटैक

-प्रधानमंत्री के पास कोई विचारधारा नहीं

सामना संवाददाता / नई दिल्ली

लोकसभा शुक्रवार को बहुत संक्षिप्त चली। विपक्षी सांसद तमाम मुद्दे उठाने को तैयार थे, लेकिन दोनों तरफ से नारेबाजी के बीच सीमित कार्यवाही पूरी होने के बाद लोकसभा को दिनभर के लिए स्थगित कर दिया गया। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने शुक्रवार को एक वीडियो जारी कर पीएम मोदी और उनकी सरकार पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने मोदी सरकार के तमाम झूठ गिनाए। इसी के साथ ही उन्होंने कहा कि देश में अब मोदी की तानाशाही नहीं चलेगी। पीएम मोदी के पास कोई विचारधारा नहीं है इसलिए वे बार-बार झूठ पर झूठ बोलते हैं। इस बीच निलंबित सांसदों ने संसद के मकर द्वार पर प्रदर्शन किया। विपक्षी सांसदों ने भारत-अमेरिका ट्रेड कीr पूरी जानकारी न देने और इसे किसानों के विरोध में होने के मुद्दे पर प्रदर्शन किया।
बता दें कि गुरुवार को पीएम मोदी ने राज्यसभा में अपना बजट भाषण दिया था। हालांकि, वो लोकसभा में बजट भाषण देना चाहते थे लेकिन नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की रणनीति ने उन्हें पीछे हटने पर मजबूर किया। मोदी ने राज्यसभा में निशाने पर कांग्रेस पार्टी और गांधी-नेहरू परिवार को रखा। उन्होंने कांग्रेस पर हर तरह के आरोप लगाते हुए भारत की सारी समस्याओं के लिए कांग्रेस और जवाहर लाल नेहरू को जिम्मेदार ठहरा दिया। खड़गे ने शुक्रवार को अपने वीडियो बयान में इसी को टारगेट किया।
ट्रंप के आगे नरेंद्र मोदी का सरेंडर!
खड़गे ने कहा कि मोदी सरकार लोकतांत्रिक तरीके से सदन चलाना ही नहीं चाहती। सच्चाई तो यह है कि पिछले कुछ दिनों से नरेंद्र मोदी परेशान हैं क्योंकि एपस्टीन फाइल में मोदी से जुड़ी बातें सामने आ गई हैं, जिसके बाद नरेंद्र मोदी ने ट्रंप के सामने घुटने टेक दिए और ट्रेड डील कर दी। वे ट्रंप के आगे सरेंडर हो चुके हैं।
`जो उचित समझो, वो करो’
शुक्रवार को संसद भवन परिसर में `जो उचित समझो, वो करो’ का नारा गूंजता रहा। कांग्रेस के सांसद इसे दोहराते रहे। राहुल गांधी यही नारा लगाते रहे। जब पत्रकारों ने किसी सवाल का जवाब पूछा तो राहुल का यही जवाब आया, `जो उचित समझो, वो करो।’ राज्यसभा में पीएम मोदी के आरोपों पर भी सवाल पूछा गया तो राहुल यही बोले, `जो उचित समझो, वो करो’। दरअसल, राहुल यह तंज पीएम मोदी पर बोल रहे थे जो कथित तौर पर पीएम ने पूर्व सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे से कहा था।

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