मुंबई। राष्ट्रीय स्वच्छता दिवस के अवसर पर देशव्यापी स्तर पर चलाए गए स्वच्छता अभियान का समापन मुंबई के दादर बीच पर हुआ, जहां बड़ी संख्या में स्वयंसेवकों ने मिलकर सफाई और जनजागरूकता का संदेश दिया। यह अभियान The WE Foundation और Grant Thornton की साझेदारी में आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य अपशिष्ट प्रबंधन और सामुदायिक भागीदारी को बढ़ावा देना था।
देश के 13 प्रमुख शहरों में एक साथ चलाए गए इस अभियान में लगभग 400 स्वयंसेवकों ने भाग लिया। इसे एक उच्च प्रभाव वाले कर्मचारी स्वयंसेवा कार्यक्रम के रूप में तैयार किया गया था, जिसमें कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) को केवल आर्थिक सहयोग तक सीमित न रखते हुए जमीनी स्तर पर सक्रिय भागीदारी में बदला गया। प्रत्येक स्थान पर ग्रांट थॉर्नटन के करीब 30 कर्मचारियों ने सफाई कार्यों का नेतृत्व किया और स्थानीय समुदाय के साथ मिलकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
इस अभियान के तहत मुंबई के अलावा गुरुग्राम के सेक्टर 57, दिल्ली की झिलमिल कॉलोनी और बेंगलुरु की शांति कॉलोनी जैसे घनी आबादी वाले शहरी क्षेत्रों को प्राथमिकता दी गई। इन स्थानों पर सफाई अभियान के साथ-साथ लोगों को कचरा प्रबंधन और स्वच्छता के प्रति जागरूक करने के प्रयास भी किए गए।
द WE फाउंडेशन की निदेशक नबनीता बनर्जी ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य समुदाय और कॉरपोरेट नागरिकों के भीतर जिम्मेदारी और स्वामित्व की भावना पैदा करना है। उन्होंने बताया कि जैसे फाउंडेशन का ‘स्मार्ट स्कूल’ कार्यक्रम यह सुनिश्चित करता है कि कोई भी बच्चा डिजिटल रूप से पीछे न रहे, उसी तरह यह स्वच्छता अभियान यह सुनिश्चित करने की दिशा में एक कदम है कि विकास की दौड़ में पर्यावरण पीछे न छूटे।
वहीं, ग्रांट थॉर्नटन के पार्टनर और सीएसआर प्रमुख सत्य झा ने कहा कि सतत विकास तभी संभव है जब समाज अपने पारिस्थितिकी तंत्र के प्रति सक्रिय जिम्मेदारी निभाए। उन्होंने इसे ‘वाइब्रेंट इंडिया’ के निर्माण की दिशा में एक ठोस पहल बताया।
यह अभियान द WE फाउंडेशन के बहु हितधारक सहयोग मॉडल का उदाहरण भी है, जिसके तहत संस्था पहले ही ओडिशा, असम और महाराष्ट्र की राज्य सरकारों के साथ विभिन्न सामाजिक परियोजनाओं पर काम कर चुकी है। दादर बीच पर हुए समापन कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि स्वच्छता केवल सरकारी जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज और कॉरपोरेट जगत की साझी प्रतिबद्धता है।
