-देशवासी भुगत रहे एपस्टीन फाइल्स के ‘पाप’ की सजा
-गैस-पेट्रोल की कमी पर केंद्र और राज्य सरकार का घेराव
सामना संवाददाता / मुंबई
हर छोटा होटल चलाने वाला परेशान है। कई लोगों को अपने होटल बंद करने पड़ रहे हैं। हॉस्टल भी बंद हो रहे हैं। लोग ३,५०० रुपए देकर गैस सिलेंडर खरीदने को मजबूर हैं। क्या यह केंद्र सरकार को दिखाई नहीं दे रहा। इन शब्दों में गैस और पेट्रोल की कथित किल्लत को लेकर विपक्ष ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि ‘सरेंडर हुए नरेंदर, जनता को दें सिलेंडर’ कहते हुए सरकार की विदेश नीति और एपस्टीन फाइल्स विवाद को निशाने पर लिया। उनका दावा है कि मुंबई में समेत राज्य में भीषण गर्मी के बीच गैस सिलेंडर के लिए लोगों को लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ रहा है। विपक्ष ने केंद्र और राज्य सरकार पर जनता को राहत देने में नाकाम रहने का आरोप लगाते हुए हालात के लिए दोनों सरकारों को जिम्मेदार ठहराया है।
कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार ने कहा कि आम लोगों को गैस और तेल के लिए जिन मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है, उसके लिए देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जिम्मेदार हैं। उन्होंने अमेरिका के सामने घुटने टेक दिए हैं। क्या किसी देश को अमेरिका के इशारे पर चलाना सही है? मोदी के ‘हम इजरायल के साथ हैं’ वाले बयान के कारण हमें ईरान से मिलने वाला सहयोग नहीं मिल रहा। मंत्री कहते हैं कि कोई कमी नहीं है लेकिन सिलेंडर लेने के लिए दो-दो किलोमीटर लंबी कतारें लगती दिखाई दे रही हैं। गैस और पेट्रोल के मुद्दे पर राज्य की स्थिति क्या है, इस पर सरकार को बोलना चाहिए। लोग परेशान हैं और इस पर तुरंत पैâसला लिया जाना चाहिए।
घरेलू गैस सिलेंडर की आपूर्ति भी प्रभावित
कांग्रेस नेता नाना पटोले ने कहा कि एपस्टीन फाइल्स के कारण सरेंडर हो चुके प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की वजह से आज पूरे देश में गैस, पेट्रोल और डीजल की कमी महसूस हो रही है। हॉस्टल में रहने वाले छात्र-छात्राओं को भी भोजन की व्यवस्था नहीं हो पा रही है। इसलिए कई लोग सब कुछ छोड़कर गांव लौटने को मजबूर हो रहे हैं। कई होटल बंद हो चुके हैं। घरेलू गैस सिलेंडर की आपूर्ति भी प्रभावित होने लगी है और लोग इसके लिए लंबी कतारों में खड़े होने को मजबूर हैं।
जनता को बेसहारा नहीं छोड़ सकते
नाना पटोले ने कहा कि सरकार को जिसके भी सामने हाथ-पांव जोड़ने हों, जो करना हो करे, लेकिन एपस्टीन फाइल्स के पाप की सजा जनता को नहीं भुगतनी चाहिए। जनता को यूं बेसहारा नहीं छोड़ा जा सकता, यही हमारी भूमिका है। सरकार तुरंत गैस सिलेंडर उपलब्ध कराए। इसी मांग को लेकर विजय वडेट्टीवार और नाना पटोले ने बाबा सरेंडर, दे सिलेंडर के नारे लगाए।
मजदूरों पर भूखों मरने की नौबत
नाना पटोले ने कहा कि राज्य सरकार और केंद्र सरकार इस पूरे मामले में अमेरिका और इजरायल के सामने सरेंडर हो चुकी है। इसलिए एपस्टीन फाइल्स से जुड़े इनके पाप की सजा आम जनता को भुगतनी पड़ रही है। मुंबई शहर में आधे से ज्यादा होटल बंद हो चुके हैं और मजदूरों पर भूखों मरने की नौबत आ गई है। सरकार अब भी सोई हुई है। इसी कारण हम सरेंडर दे सिलेंडर आंदोलन कर रहे हैं।
