मुख्यपृष्ठखेलआउट ऑफ पवेलियन : टीम इंडिया की अंध विश्वासों पर जीत

आउट ऑफ पवेलियन : टीम इंडिया की अंध विश्वासों पर जीत

अमिताभ श्रीवास्तव

विश्वकप फाइनल में न्यूजीलैंड को तो हरा दिया मगर इस पूरे आयोजन में टीम इंडिया ने अंधविश्वासों पर भी जीत हासिल की है और साबित कर दिखाया है कि अंधविश्वास से कितने बकवास प्रचलित हैं, इसकी कितनी दुकानें चलती हैं और इसका बाजार वैâसे सातवें आसमान पर रहता है। एकसाथ सबका पर्दाफाश करते हुए टीम इंडिया ने न केवल बाजी मारी है बल्कि भविष्य में यह भी जता दिया है कि आपके कर्म, आपकी मेहनत, आपकी प्रतिभा और लगन ही आपकी सफलता और असफलता में मायने रखती है, बाकी सबकुछ केवल बकवास है। जी हां, इस विश्वकप आयोजन की शुरुआत से कई सारे बाबा और आचार्यजन भविष्य बता रहे थे कि भारत सेमीफाइनल तक भी नहीं जाएगा। जब सेमी में जीता तो कहने लगे फाइनल हारेगा। यहां तक झूठ पैâलाया गया अमदाबाद का स्टेडियम पनौती है। यहां भारत पहले भी हारा है, अब भी हारेगा। पिछली सारी असफलताओं को मिलाकर इस टीम के बारे में कहने लगे कि इसमें ऐसा है, वैसा है इसलिए यह नहीं जीतेगी। हर बार, हर कदम पर टीम इंडिया ने इन अंधविश्वासी बकवास भविष्यवाणीयों को धता बताते हुए साबित किया कि जीत हार किसी पनौती या किसी अंधविश्वास पर नहीं टिकी होती, बल्कि अपनी मेहनत और जीतने की जिजीविषा पर टिकी होती है। फिर जिसका खेल दमदार, जीत उसके पक्ष में होती है। न कि कोई बाबा की बात या किसी प्रकार के टोने-टोटके से जीत-हार होती है। इस जीत ने अंधविश्वासों पर भी जीत हासिल की है शायद लोग अब फिजूल अंधविश्वासों पर नहीं जाएंगे और खेल प्रतिभा, मेहनत, जज्बे और लगन को महत्व देंगे।
कौन है बड़ा चोकर?
विश्वकप क्रिकेट में अब इस बात पर बहस होने लगी है कि कौन है सबसे बड़ा चोकर्स? यानि कौन बड़े मुकाबलों के फाइनल में आकर लुढ़क जाता है, कभी जीत नहीं पाता। सबके दिमाग में साऊथ अप्रâीका की टीम का नाम आएगा, मगर नहीं, साऊथ अप्रâीका से भी बड़ी चोकर्स टीम है, न्यूजीलैंड। अप्रâीका के एबी डिविलियर्स ने भी इस बात को कहा है कि हम नहीं न्यूजीलैंड है चोकर्स। भले ही लोगों ने साउथ अप्रâीका को ‘चोकर्स’ का टैग दिया है, लेकिन असल में न्यूजीलैंड हमसे बड़ा चोकर है, उन्होंने २०१५ वर्ल्ड कप फाइनल खेला और एकतरफा हार गए, २०१९ वर्ल्ड कप एक ऐसा मैच था जिसे वे लगभग जीत ही गए थे, लेकिन फिर भी ट्रॉफी उनके हाथ से निकल गई। वे २०२१ टी २० वर्ल्ड कप फाइनल में ऑस्ट्रेलिया से हार गए। २०२५ चैंपियंस ट्रॉफी फाइनल में भारत से हार गए और अब २०२६ टी २० वर्ल्ड कप फाइनल भारत से हारकर उन्होंने साबित कर दिया है कि वे साउथ अप्रâीका से भी बड़े चोकर्स हैं। बात तो एकदम सही है। वैसे विश्वकप क्रिकेट में न्यूजीलैंड और साऊथ अप्रâीका ही ऐसी टीम रही हैं जिन्होंने अब तक कोई बड़ा आयोजन अपने नाम नहीं किया है। फाइनल जरूर खेला मगर जीता नहीं। यानि इन दो टीमों के हाथों में कभी चमचमाती ट्राफी नहीं लगीं।
(लेखक वरिष्ठ खेल पत्रकार व टिप्पणीकार हैं।)

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