मुख्यपृष्ठखेलआउट ऑफ पवेलियन : बर्बादी की ओर टीम पाकिस्तान

आउट ऑफ पवेलियन : बर्बादी की ओर टीम पाकिस्तान

अमिताभ श्रीवास्तव

टी२० विश्वकप २०२६ से बाहर होने के बाद पाकिस्तान क्रिकेट में उथल-पुथल का दौर जारी है। एक तरह से वो बर्बादी की ओर बढ़ रहा है । पाकिस्तान की पूरी अवाम टीम से खफा है और क्रिकेट को भंग कर देने की मांग भी उठने लगी है। पाकिस्तानी मीडिया से लेकर उसके भूतपूर्व खिलाड़ी भी इस टीम के कई खिलाड़ियों पर बैन की मांग कर रहे हैं। पाकिस्तानी अखबार एक्सप्रेस ट्रिब्यून के मुताबिक, टूर्नामेंट में टीम के प्रदर्शन से नाखुश पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) ने अपने खिलाड़ियों पर ५०-५० लाख पाकिस्तानी रुपये (करीब १६ लाख भारतीय रुपये) का जुर्माना लगाया है। पाकिस्तान के पूर्व कप्तान शाहिद अफरीदी को इस सजा से तसल्ली नहीं मिली है और इसे छोटी सोच बताया है। साथ ही उन्होंने पीसीबी से कुछ खिलाड़ियों पर और कठोर कार्रवाई की मांग की है। अफरीदी ने कहा कि कुछ खिलाड़ियों पर दो साल का बैन तक लगा देना चाहिए। पाकिस्तान टीम को ग्रुप स्टेज में टीम इंडिया से हार मिली और इसके बाद सुपर-८ में करो या मरो मुकाबले में तय समीकरण के मुताबिक, जीत हासिल नहीं कर सके। सोशल मीडिया पर आलम यह है कि बाबर को ईरान के परमाणु कार्यक्रम का मुखिया बना दिया गया है, सलमान आगा-अफरीदी को वैज्ञानिक घोषित कर दिया है। टीम का जमकर मजाक उड़ाया जा रहा है। कहा जा रहा है कि इससे अच्छा था कि पाकिस्तान बहिष्कार ही कर देता। कुलमिलाकर पाकिस्तानी क्रिकेट अपनी बर्बादी कि ओर जा चुका है ।
चोटों की महारानी
उसे चोटों की महारानी ही कहा जा सकता है क्योंकि उसका पूरा करियर चोटों से भरा रहा। जी हां , जब ऑस्ट्रेलिया महिला क्रिकेट टीम की हरफनमौला खिलाड़ी सोफी मोलिनेक्स भारत के खिलाफ बहु-प्रारूप सीरीज के शेष मुकाबलों से बाहर हो गई तो यह बात सोशल मीडिया पर उठने लगि कि क्या वो चोटों की पर्याय है क्योंकि वह लोअर बैक पेन के बाद बाहर हो गई थी। २८ वर्षीय मोलिनेक्स ने ब्रिस्बेन में खेले गए पहले महिला वनडे में हिस्सा लिया था। मोलिनेक्स की चोट के कारण अगले महीने होने वाली वेस्टइंडीज सीरीज में उनकी भागीदारी पर भी संशय पैदा हो गया है। क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने स्पष्ट किया है कि उनकी फिटनेस पर लगातार नजर रखी जाएगी और चिकित्सकीय मूल्यांकन के बाद ही आगे का निर्णय लिया जाएगा। सोफी मोलिनेक्स का करियर पहले भी कई चोटों से प्रभावित रहा है। वह २०२२ की एशेज और वनडे विश्व कप में पैर की चोट के कारण नहीं खेल सकीं। उसी वर्ष राष्ट्रमंडल खेलों से भी बाहर रहीं। २०२३ टी२० विश्व कप में वह एसीएल चोट के कारण हिस्सा नहीं ले पार्इं। हाल ही में २०२५ वनडे विश्व कप (भारत और श्रीलंका) के दौरान उनकी वापसी को सावधानीपूर्वक प्रबंधित किया गया था, क्योंकि वह घुटने की चोट से उबर रही थीं।
(लेखक वरिष्ठ खेल पत्रकार व टिप्पणीकार हैं।)

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