-रु. ४०० करोड़ स्टांप घोटाला मामला
– रु.६२० करोड़ के प्रोजेक्ट पर भी सवाल
-फडणवीस पर कार्रवाई का बढ़ा दबाव
सामना संवाददाता / मुंबई
भाजपा का ही एक विधायक अब सरकार के लिए बड़ी मुसीबत बनता दिख रहा है, जिस पर ४०० करोड़ के स्टांप घोटाले, ७९ करोड़ की रॉयल्टी गड़बड़ी और ६२० करोड़ रुपए के प्रोजेक्ट में अनियमितताओं जैसे गंभीर आरोप लगे हैं। इस पूरे खेल में सरकार को ही चूना लगाया गया, जिससे प्रशासनिक तंत्र की कार्यशैली पर सवाल उठने लगे हैं। कल विधानमंडल के गलियारे में चर्चा थी कि दिल्ली से आए आदेश के बाद अब सीएम के ऊपर मेहता के खिलाफ कार्रवाई का दबाव बढ़ गया है। ऐसे में राजनीतिक हलकों में यह चर्चा शुरू हो गई है कि इस मामले में सरकार सख्ती दिखाती है या फिर मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा।
बता दें कि मीरा-भाईंदर के भाजपा विधायक नरेंद्र मेहता पर सैकड़ों करोड़ रुपए के कथित घोटालों के आरोप सामने आने के बाद मामला अब सीधे महायुति की साख से जुड़ गया है। खास बात यह है कि इन आरोपों को लेकर मोदी द्वारा फडणवीस को कार्रवाई के निर्देश दिए जाने की चर्चा ने राजनीतिक हलचल बढ़ा दी है। सूत्रों के मुताबिक, विधायक मेहता ने जमीन सौदों के जरिए सरकारी खजाने को बड़ा नुकसान पहुंचाया है। मामले को और गंभीर तब माना गया, जब राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले के एक पत्र में भी विधायक का उल्लेख ‘भूमाफिया’ के रूप में सामने आया। इससे साफ संकेत मिलता है कि आरोप केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि प्रशासनिक स्तर पर भी चिंता का विषय बन चुके हैं। नाना पटोले के मुताबिक, पीएमओ तक पहुंची शिकायतों के बाद अब इस प्रकरण में जांच तेज होने की संभावना है।
लंबी है आरोपों की सूची
नरेंद्र मेहता पर आरोपों की सूची लंबी है। ‘सेवन इलेवन’ कंपनी के जरिए जमीन घोटाले, फ्लैट बिक्री के नाम पर ठगी की शिकायत, नियमों का उल्लंघन कर क्लब निर्माण, किसानों की जमीन कम कीमत पर खरीदना, ७९ करोड़ रुपए के रॉयल्टी घोटाले और मेट्रो प्रोजेक्ट की लागत २१७ करोड़ रुपए से बढ़कर ६२० करोड़ रुपए होने जैसे मामले शामिल हैं।
‘सरकारी पत्र में बताया भू-माफिया’
कांग्रेस नेता नाना पटोले ने भाजपा पर गंभीर आरोप लगाते हुए सीधे सरकार को कटघरे में खड़ा कर दिया है। पटोले का दावा है कि एक पत्र में भाजपा विधायक मेहता को साफ तौर पर ‘भू-माफिया’ कहा गया है और उस पर खुद राजस्व मंत्री के हस्ताक्षर हैं, लेकिन वह कार्रवाई के नाम पर क्यों कतरा रही है, भाजपा को इसका जवाब देना चाहिए।
मेहता ने आरोपों को किया खारिज
विधायक नरेंद्र मेहता ने हालांकि, सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। उनका कहना है कि उन्होंने किसी भी प्रकार की जमीन का अवैध लेन-देन नहीं किया है। इसके बावजूद उनके खिलाफ कई गंभीर मामले पहले से दर्ज हैं।
