धीरेंद्र उपाध्याय / मुंबई
राज्य में गैस की भारी किल्लत ने हालात बिगाड़ दिए हैं और आम लोगों से लेकर होटल व्यवसाय तक हाहाकार मच गया है। सप्लाई घटने और मांग बढ़ने के कारण सिलेंडर के दाम तेजी से बढ़ गए हैं, जिससे रसोई चलाना मुश्किल होता जा रहा है। हालात ऐसे बन गए हैं कि अब कई जगहों पर गैस के बजाय पुराने जमाने का चूल्हा फिर से लौटने लगा है। सिलेंडर की किल्लत के कारण इलेक्ट्रिक स्टोव, चूल्हे और लकड़ी की मांग बढ़ गई है, जबकि कई होटलों में भी मजबूरी में चूल्हे पर भोजन पकाया जा रहा है। जाहिर सी बात है, लोगों के दुख भरे दिन लौट आए हैं।
बता दें कि गैस संकट ने रसोई से लेकर कारोबार तक सबको झटका दिया है और लोगों को महंगे सिलेंडर के बीच वैकल्पिक इंतजाम तलाशने पड़ रहे हैं। जानकारों के अनुसार, ईरान-अमेरिका युद्ध लंबा खिंच सकता है। उधर ईरान ने चेतावनी दी है कि मध्य पूर्व से एक बूंद भी तेल बाहर नहीं जाने दिया जाएगा। इसके बाद कारण देशभर में पेट्रोल, डीजल और गैस की कमी पैदा हो गई है।
तो होटलों के मेन्यू से गायब हुर्इं कई डिशेज!
ईरान-अमेरिका युद्ध के कारण खाड़ी देशों से बड़े पैमाने पर तेल आयात करने वाले हिंदुस्थान के सामने अभूतपूर्व संकट खड़ा हो गया है। मुंबई, पुणे समेत महाराष्ट्र के अन्य शहरों में एलपीजी सिलेंडर के लिए लंबी कतारें लग रही हैं। कमर्शियल गैस की कमी से होटल और रेस्टोरेंट सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं। कई छोटे होटल और ढाबे गैस की अनुपलब्धता के कारण बंद होने के कगार पर पहुंच गए हैं, वहीं कुछ होटलों ने मजबूरी में चूल्हे और इलेक्ट्रिक स्टोव का सहारा लेना शुरू कर दिया है। पुणे शहर के कई होटलों में अब चूल्हे पर खाना बनाकर ग्राहकों को परोसा जा रहा है। हालांकि, चूल्हे और इलेक्ट्रिक स्टोव की अपनी सीमाएं हैं, जिसके कारण मेन्यू कार्ड से कई व्यंजन गायब हो गए हैं। गैस की कमी का फायदा उठाकर कुछ जगहों पर कालाबाजारी भी शुरू हो गई है। बाजार में एलपीजी सिलेंडर के दाम तेजी से बढ़ रहे हैं और कुछ स्थानों पर एक सिलेंडर तीन से चार हजार रुपए तक में बिकने की खबर सामने आई है।
