हिमांशु राज
अभिनेत्री सई एम मांजरेकर इन दिनों एक आगामी पीरियड ड्रामा फिल्म की तैयारी में व्यस्त हैं, जो आजादी से पहले के दौर पर आधारित है। यह प्रोजेक्ट उनके लिए एक बड़ा बदलाव साबित हो रहा है। सई का कहना है कि इस फिल्म की तैयारी उनके अब तक के काम से बिल्कुल अलग, अधिक गहन और चुनौतीपूर्ण रही है।
फिल्म के किरदार ने उन्हें अभिनय को एक नई दृष्टि से अपनाने के लिए प्रेरित किया है। उन्होंने उस युग के सामाजिक और सांस्कृतिक परिवेश को समझने के लिए विस्तृत शोध किया। साथ ही शारीरिक भाषा, बोलने के तरीके और भाव भंगिमा में भी विशेष बदलाव लाने के लिए मेहनत की।
सई ने अपना अनुभव साझा करते हुए कहा, “ईमानदारी से कहूं तो यह मेरी अब तक की सबसे चुनौतीपूर्ण और रोमांचक यात्रा है। पीरियड ड्रामा में केवल संवाद याद कर सेट पर पहुंच जाना पर्याप्त नहीं होता। उस समय के जीवन, बोलचाल, व्यवहार और भाव अभिव्यक्ति को गहराई से समझना जरूरी है। हर चीज में एक अलग अनुशासन और शालीनता थी, जो आज के समय से भिन्न है।”
उन्होंने आगे कहा, “इसमें बारीकियां सबसे अधिक प्रभाव डालती हैं। बॉडी लैंग्वेज से लेकर बैठने उठने के ढंग, कमरे में प्रवेश करने के तरीके या मौन प्रतिक्रिया तक, कुछ भी आधुनिक नहीं लगना चाहिए। कई मौजूदा आदतें छोड़नी पड़ती हैं और एक नई शारीरिक और भावनात्मक भाषा अपनानी होती है। यह कठिन जरूर है, लेकिन यही इसे खास बनाता है। एक अभिनेत्री के रूप में मैं स्वयं को सौभाग्यशाली मानती हूं कि मुझे ऐसी फिल्म मिली है, जो मुझे एक अलग युग को जीने और अपने हुनर को निखारने का अवसर दे रही है।”
सई इस प्रोजेक्ट को लेकर बेहद उत्साहित हैं। उनका मानना है कि इस फिल्म ने उन्हें धैर्य, अनुशासन और अभिनय की गहराई को समझने का अवसर दिया है। तैयारी जारी रखते हुए वह ऐतिहासिक कथा में प्रामाणिकता लाने के लिए पूरी तरह समर्पित हैं। यह फिल्म उनके करियर का एक महत्वपूर्ण पड़ाव साबित हो सकती है।
