-चार सीट का अजूबा निर्माण, इमारत के अंदर भी खुले में शौच का आनंद!
सुरेश गोलानी / मुंबई
आपने शौचालय तो बहुत देखे होंगे, लेकिन आज हम आपको एक ऐसा सार्वजनिक शौचालय दिखा रहे हैं, जो अपने आप में अजूबा है। सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहे इस अजीबोगरीब शौचालय का इस्तेमाल किस तरह से होता होगा? ये प्रश्न हमारी तरह आपके मन में भी जरूर उत्पन्न होगा। मीरा-भायंदर महानगर पालिका के ठेकेदारों द्वारा निर्मित यह सार्वजनिक शौचालय भायंदर पूर्व में स्थित आरएनपी पार्क इलाके में है। शौचालयों के निर्माण को लेकर अधिकारी किस कदर गंभीर हैं इसका अंदाजा इस तस्वीर को देखकर लगाया जा सकता है।
ठेकेदार ने शौचालय के ग्राउंड फ्लोर पर बिना किसी विभाजन के लाइन से चार भारतीय शैली (इंडियन स्टाइल) के टॉयलेट सीट बिठाकर अपने रचनात्मक सोच और अनोखी डिजाइन का नमूना पेश किया है, जिसमें इसे इस्तेमाल करने वाले इमारत के अंदर भी खुले में शौच का आनंद ले सकते हैं। हालांकि वायरल विडिओ के संदर्भ में मनपा के लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने दावा किया है कि यह शौचालय सिर्फ छोटे बच्चों के लिए है और उनकी सुरक्षा को ध्यान में रखकर बनाया गया है। इन शौचालयों का निर्माण निर्मल एमएमआर अभियान के अंतर्गत मुंबई महानगर प्रदेश विकास प्राधिकरण (एमएमआरडीए) द्वारा जारी किए गए डिजाइन और दिशा-निर्देशों के तहत किया गया है और पिछले १६ वर्षों से बच्चे इसका इस्तेमाल कर रहे हैं।
लेकिन सच्चाई तो ये है कि मनपा की लापरवाही और उदासीनता के चलते ठेकेदार ने बिना किसी विभाजन के लाइन से टॉयलेट सीट बिठाकर अपनी मनमानी का एक तरह से सबूत दिया है। ज्ञात हो कि शहर के पुराने गांवों के अलावा मनपा ने २०१० में निर्माण निर्मल एमएमआर अभियान के अंतर्गत ३५ झोपड़पट्टी बस्तियों में २१५ सार्वजनिक शौचालयों (स्वच्छता गृह) का निर्माण किया था। भायंदर के अनोखे और जानलेवा फ्लाईओवर ब्रिज के बाद अब यह अजीबोगरीब शौचालय भी शहर में चर्चा का विषय बन गया है।
