मुख्यपृष्ठस्तंभस्कैम्स एंड स्कैंडल्स : बीबीसी के विस्फोटक इंटरव्यू ने खोले थे राज!

स्कैम्स एंड स्कैंडल्स : बीबीसी के विस्फोटक इंटरव्यू ने खोले थे राज!

(एक परी कथा का अंत–१२)
श्रीकिशोर शाही
१९९५ की एक शाम ब्रिटेन के टेलीविजन दर्शकों के सामने ऐसा प्रसारण हुआ, जिसने राज परिवार और सार्वजनिक जीवन के संबंधों को नए ढंग से परिभाषित कर दिया। बीबीसी के कार्यक्रम पैनोरमा में पत्रकार मार्टिन बशीर के साथ प्रिंसेस डायना का साक्षात्कार प्रसारित हुआ। केंसिंग्टन पैलेस के एक कमरे में रिकॉर्ड किया गया यह इंटरव्यू कुछ ही घंटों में विश्व समाचार बन गया।
डायना ने बातचीत में अपने विवाह के बारे में खुलकर बात की। उन्होंने स्वीकार किया कि प्रिंस चार्ल्स और उनके बीच का रिश्ता लंबे समय से संकट में था। उसी साक्षात्कार में उन्होंने वह वाक्य कहा, जो इतिहास में दर्ज हो गया। डायना ने खुलकर कहा, ‘इस शादी में हम तीन लोग थे।’ यह संकेत सीधे वैâमिला पार्कर बाउल्स की ओर था।
इंटरव्यू में डायना ने अपने मानसिक संघर्षों और सार्वजनिक जीवन के दबाव का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि राजमहल की कठोर व्यवस्था और निजी असुरक्षा ने उन्हें किस तरह प्रभावित किया। इस स्वीकारोक्ति ने दर्शकों को चौंका दिया, क्योंकि राजपरिवार के सदस्य आम तौर पर निजी विषयों पर सार्वजनिक चर्चा से बचते रहे थे।
प्रसारण के बाद प्रतिक्रिया तत्काल और तीखी थी। मीडिया ने इसे ऐतिहासिक क्षण बताया। राजमहल के भीतर यह घटना असहजता का कारण बनी। राजमहल की परंपरा में ऐसी स्पष्ट सार्वजनिक टिप्पणी दुर्लभ थी। लेकिन जनता की प्रतिक्रिया अलग थी। बहुत से लोगों ने डायना की स्पष्टता को साहस के रूप में देखा। उन्हें एक ऐसी महिला के रूप में देखा गया, जिसने राजसी औपचारिकता के भीतर अपनी व्यक्तिगत सच्चाई व्यक्त की।
यह इंटरव्यू केवल एक बातचीत नहीं था, यह उस संघर्ष का सार्वजनिक रूप था जो वर्षों से भीतर चल रहा था। इसके बाद स्थिति पहले जैसी नहीं रह सकती थी। विवाह का संकट अब खुली वास्तविकता बन चुका था और राजशाही को भी इस नए परिदृश्य का सामना करना था।
(शेष अगले अंक में)

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