मुख्यपृष्ठस्तंभस्कैम्स एंड स्कैंडल्स : ‘हैप्पी बर्थडे, मिस्टर प्रेसिडेंट!’

स्कैम्स एंड स्कैंडल्स : ‘हैप्पी बर्थडे, मिस्टर प्रेसिडेंट!’

श्रीकिशोर शाही

(मुनरो की मौत-१३)

अमेरिकी पत्र-पत्रिकाओं में कैनेडी और मर्लिन मुनरो के अफेयर के किस्से जगह बनाने लगे थे। लोग उन्हें चटपटे अंदाज में पढ़ने और उस पर चर्चा करने लगे थे। उस दौर का वह सबसे हॉट टॉपिक बन गया था। हालांकि, बहुत खुलकर चीजें सामने नहीं आ रही थीं, मगर गॉसिप गली में ऐसे ही चलता है। फिर एक दिन ऐसा हुआ कि सबकुछ खुल्लम-खुल्ला हो गया। एक सार्वजनिक कार्यक्रम में कैनेडी और मर्लिन मुनरो आमने-सामने थे।
वह १९ मई १९६२ की रात थी। स्थान था न्यूयॉर्क का मैडिसन स्क्वायर गार्डन। वहां पर एक कार्यक्रम राष्ट्रपति जॉन एफ वैâनेडी के जन्मदिन के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया था। यह एक सार्वजनिक समारोह था, जिसमें राजनीतिक और मनोरंजन जगत के चुनिंदा लोग मौजूद थे। मर्लिन मुनरो को भी वहां आमंत्रित किया गया था। कार्यक्रम में मर्लिन मुनरो देर से पहुंची थी। मंच पर आने से पहले उसकी उपस्थिति को लेकर हलचल बनी रही। जब उसका नाम पुकारा गया, तो वह स्पॉटलाइट में आर्इं। उसने एक विशेष रूप से तैयार पोशाक पहनी थी, जो मंच की रोशनी में अलग दिखाई दे रही थी। मुनरो ने ‘हैप्पी बर्थडे, मिस्टर प्रेसिडेंट’ गीत प्रस्तुत किया। प्रस्तुति का अंदाज सामान्य नहीं था। आवाज धीमी, लय नियंत्रित और प्रस्तुति सीधी राष्ट्रपति की ओर केंद्रित थी। यह प्रदर्शन कार्यक्रम का सबसे चर्चित पल बन गया।
कार्यक्रम के बाद इस प्रस्तुति की रिकॉर्डिंग और तस्वीरें व्यापक रूप से प्रसारित हुर्इं। मीडिया ने इस पर विशेष ध्यान दिया। यह पहली बार था, जब मुनरो और कैनेडी का नाम एक ही संदर्भ में सार्वजनिक रूप से प्रमुखता से सामने आया। इस घटना के बाद दोनों के संबंध को लेकर अटकलें शुरू हुर्इं। हालांकि, कार्यक्रम एक आधिकारिक आयोजन था, लेकिन प्रस्तुति के तरीके ने इसे सामान्य सांस्कृतिक कार्यक्रम से अलग बना दिया। यह एक सार्वजनिक क्षण था, जिसने आगे की चर्चाओं का आधार तैयार किया।
(शेष अगले अंक में)

अन्य समाचार