सामना संवाददाता / मुंबई
हिंदू नव वर्ष गुढीपाडवा के शुभ अवसर पर शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) की ओर से गुरुवार को अंधेरी-कुर्ला रोड स्थित गणपति मंदिर से नवपाड़ा, मरोल तक भव्य शोभा यात्रा निकाली गई। इस आयोजन में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया और आपसी सौहार्द व भाईचारे का संदेश दिया।
शोभा यात्रा की संयोजक एवं पूर्व विधायक ऋतुजा रमेश लटके ने बताया कि इस परंपरा की शुरुआत लगभग १५-१६ वर्ष पूर्व तत्कालीन विधायक स्व. रमेश लटके ने की थी। उन्होंने कहा कि इस शोभा यात्रा का सांस्कृतिक और ऐतिहासिक महत्व है।
ऐतिहासिक झांकियों ने मन मोहा
यात्रा के दौरान ढोल-ताशा पथक, पारंपरिक वेशभूषा और भगवा ध्वज के साथ पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। इस विशेष आयोजन में सांस्कृतिक और ऐतिहासिक झांकियों ने लोगों का मन मोह लिया। शोभा यात्रा में प्रमुख रूप से पार्टी के वरिष्ठ नेता अमोल कीर्तिकर, शिवसेना अंधेरी विधानसभा संगठक प्रमोद सावंत, युवासेना के अमेय लटके सहित बड़ी संख्या में पार्टी के कार्यकर्ता और पदाधिकारियों ने भाग लिया।
ऋतुजा लटके ने कहा कि महाराष्ट्र में गुढीपाडवा के अवसर पर निकाली जाने वाली ऐसी शोभा यात्राएं छत्रपति शिवाजी महाराज की वीरता और मराठा संस्कृति की समृद्ध विरासत को दर्शाती हैं। यह शोभा यात्रा लोगों को एकजुट करने का माध्यम है, जो समाज में भाईचारे और सौहार्द को बढ़ावा देती है।
