-चाय वालों ने तो पहले ही बढ़ा दिए रेट
-अब दूध भी हो जाएगा महंगा
ईरान-इजरायल के बीच बढ़ते तनाव के कारण भारत में एलपीजी की किल्लत देखने को मिल रही है। कई जगह लोगों को लंबी लाइनों में लगकर महंगे दाम पर गैस सिलेंडर खरीदना पड़ रहा है। एलपीजी की बढ़ती कीमतों का असर अब आम लोगों तक पहुंच गया है। चाय बेचने वालों ने भी चाय की कीमत १० रुपए से बढ़ाकर १५ रुपए कर दी है। यह संकट सिर्फ रेस्टोरेंट और होटल तक सीमित नहीं है, बल्कि दूध के कारोबार पर भी इसका असर पड़ रहा है। भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए काफी हद तक आयात पर निर्भर है।
बता दें कि पहले गल्फ देशों से ८५-९० प्रतिशत एलपीजी आती थी, लेकिन अब आयात पर संकट आ गया है, जिससे घरेलू गैस के साथ-साथ इंडस्ट्रीज को भी मार पड़ रही है। रेस्टोरेंट, होटल पहले से परेशान थे और अब डेयरी वाले भी इसकी मार खा रहे हैं। डेयरी उद्योग में एलपीजी का इस्तेमाल बहुत जरूरी है। दूध के पाश्चराइजेशन (खास तापमान पर गर्म करके बैक्टीरिया मारने ) के लिए बड़ी मात्रा में गैस चाहिए। बिना नियमित गैस के दूध जल्दी खराब हो सकता है। छोटे-मध्यम डेयरी प्लांट्स को यह समस्या सबसे ज्यादा झेलनी पड़ रही है। महाराष्ट्र जैसे राज्यों में कई डेयरी मालिकों ने बताया कि गैस न मिलने से प्रोसेसिंग और पैकेजिंग के काम में रुकावट आ रही है। इससे दूध की सप्लाई पर असर पड़ सकता है।
दूध की फैक्ट्रियां भी एलपीजी पर निर्भर
इस इंडस्ट्री में सबसे बड़ी समस्या पैकेजिंग की है। दूध के प्लास्टिक पैकेट और कार्टन बनाने वाली पैâक्ट्रियां भी एलपीजी पर निर्भर हैं। इन पैâक्टरियों को पर्याप्त गैस नहीं मिल रही, इसलिए प्रोडक्शन धीमा हो गया है। एक रिपोर्ट के अनुसार, गोवर्धन डेयरी के फाउंडर देवेंद्र शाह ने कहा, ‘हमारे पास अभी सिर्फ १० दिन का पैकेजिंग मटेरियल स्टॉक बचा है। अगर सप्लाई जल्द नॉर्मल नहीं हुई तो दूध सप्लाई करना मुश्किल हो जाएगा। अगले १० दिनों में स्थिति नहीं सुधरी तो पूरी डेयरी इंडस्ट्री बड़े संकट में फंस सकती है।’
