जेदवी
तेजी से बढ़ते तापमान ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। मुंबई सहित महाराष्ट्र के कई हिस्सों में गर्मी का असर लगातार तेज होता जा रहा है, जिसके चलते लू (हीटवेव) का खतरा भी बढ़ गया है। इसी स्थिति को ध्यान में रखते हुए सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग ने राज्य के सभी मनपा और सरकारी अस्पतालों को सतर्क रहने और आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट रूप से कहा है कि संभावित हीटवेव से निपटने के लिए अस्पतालों में जरूरी दवाओं का पर्याप्त स्टॉक रखा जाए। इसके साथ ही आईवी फ्लूइड, ओआरएस और अन्य जरूरी चिकित्सा संसाधनों की उपलब्धता बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि लू से प्रभावित मरीजों को समय पर उपचार मिल सके। विभाग का मानना है कि समय रहते की गई तैयारी से संभावित स्वास्थ्य संकट को काफी हद तक टाला जा सकता है।
कैसे करें गर्मी से बचाव?
दोपहर के समय गर्मी का प्रभाव सबसे अधिक होता है। इसे देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने दोपहर के समय सार्वजनिक कार्यक्रमों के आयोजन से बचने की सलाह दी है। साथ ही ऐसे कार्यक्रमों को अनुमति न देने के भी निर्देश दिए गए हैं। आम नागरिकों से भी अपील की गई है कि वे दोपहर की कड़ी धूप में बाहर निकलने से बचें, पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें और अपने स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखें।
दिशानिर्देशों के तहत अस्पतालों में लू से प्रभावित मरीजों के लिए विशेष ‘कूलिंग वार्ड’ तैयार रखने को कहा गया है, जहां तापमान नियंत्रित माहौल में मरीजों का उपचार किया जा सके। इसके अलावा आपातकालीन सेवाओं को पूरी तरह सतर्क रखने और किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देश भी दिए गए हैं।
स्वास्थ्य विभाग ने चिकित्सा अधिकारियों और स्वास्थ्य कर्मचारियों को हीटवेव सर्वेक्षण को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए प्रशिक्षण देने पर भी जोर दिया है। इसके साथ ही लू की स्थिति से निपटने के लिए अन्य संबंधित विभागों के साथ समन्वय बनाकर कार्रवाई बैठकें करने की भी बात कही गई है।
अस्पतालों में बिजली व्यवस्था, एयर कंडीशनिंग (एसी) और अन्य चिकित्सा उपकरणों की कार्यक्षमता की जांच करने के निर्देश भी दिए गए हैं, ताकि आपात स्थिति में किसी प्रकार की तकनीकी बाधा न आए।
स्वास्थ्य विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि लू से बचाव के उपायों के बारे में लोगों में जन-जागरूकता पैâलाना बेहद जरूरी है। इसलिए विभिन्न माध्यमों के जरिए नागरिकों को जागरूक करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है, ताकि बढ़ती गर्मी के बीच लोगों का स्वास्थ्य सुरक्षित रखा जा सके।
