सामना संवाददाता / मुंबई
भायंदर का पंडित भीमसेन जोशी (टेंबा) सरकारी हॉस्पिटल इन दिनों चूहे की वजह से सुर्खियों में है। आईसीयू वार्ड जिसे अति-दक्षता वार्ड माना जाता है और वहीं चूहे द्वारा बुजुर्ग मरीज को काटने और उसकी मौत से हंगामा मचा हुआ है। मीडिया द्वारा इस खबर को प्रमुखता से लेने के बाद स्वास्थ्य विभाग जागा और आनन-फानन में अस्पताल के डीन और एक नर्स के खिलाफ कार्रवाई की गई है। इतना सब कुछ होने के बावजूद अस्पताल में गंदगी और बदइंतजामी बरकरार है। स्थानीय कई नेताओं ने अस्पताल की बदहाली को लेकर सवाल खड़े किए हैं और अस्पताल का घेराव किया।
पंडित भीमसेन जोशी सरकारी अस्पताल में मंगलवार को अधिकारियों ने स्टाफ के खिलाफ कार्रवाई शुरू की। एक दिन पहले ही आईसीयू वार्ड में एक ८९ साल के मरीज की मौत हो गई थी, आरोप है कि अस्पताल के अंदर कथित तौर पर चूहे के काटने की वजह से बुजुर्ग की मौत हुई। ठाणे के हेल्थ सर्विसेज के डिप्टी डायरेक्टर ने डिसिप्लिनरी कार्रवाई का आदेश दिया है और अस्पताल के डीन जफर तड़वी को अनिश्चितकालीन छुट्टी पर भेज दिया है। एडिशनल सिविल सर्जन स्मिता आड़े ने डिप्टी डीन का चार्ज संभाल लिया है। एक नर्स को नौकरी से निकाल दिया गया है, जबकि ऑन-ड्यूटी आईसीयू डॉक्टर को जांच तक सस्पेंड कर दिया गया है। काशीमीरा पुलिस स्टेशन में एक एक्सीडेंटल डेथ रिपोर्ट (एडीआर) दर्ज की गई है और अधिकारियों ने कहा है कि आगे की कार्रवाई फाइनल पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर निर्भर करेगी। यह घटनाक्रम सिंधुदुर्ग की रहने वाली सुहासिनी माथेकर (८९) की मौत के बाद हुआ है।
अस्पताल का इंस्पेक्शन करने वाले डिस्ट्रिक्ट सिविल सर्जन वैâलाश बी. पवार ने चूहे के काटने के दावे को खारिज कर दिया और कहा कि मरीज को गंभीर हालत में भर्ती कराया गया था। चूहे के काटने की कोई पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे काटने से तुरंत मौत नहीं होती। मरीज वेंटिलेटर सपोर्ट और ब्लड थिनर पर था, जिससे ब्लीडिंग हो सकती है। जांच के बाद घटना की हकीकत साफ होगी।
