मुख्यपृष्ठटॉप समाचारईरान के जबरदस्त हमले में थाड डिफेंस सिस्टम तबाह!

ईरान के जबरदस्त हमले में थाड डिफेंस सिस्टम तबाह!

-जॉर्डन, यूएई और कतर में अमेरिकी सैनिक अड्डों को भारी नुकसान

एजेंसी / दुबई

अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच शुरू हुई जंग अब घातक दौर में पहुंच गई है। शुरुआती अमेरिकी हमले के बाद ईरान ने जो जबरदस्त पलटवार किया है, उससे लग रहा है कि युद्ध जल्दी खत्म नहीं होगा। खबर है कि ईरान के जबरदस्त हमले में अमेरिका का सबसे महंगा डिफेंस सिस्टम ‘थाड’ तबाह हो गया है। इससे अमेरिका को करीब २ अरब डॉलर का फटका लगा है।
बता दें कि अमेरिका ने जॉर्डन में ‘थाड’ बैटरी लगा रखी थी। इसके अलवा ईरानी हमले में कतर बहरीन और यूएई में भी भारी नुकसान हुआ है। युद्ध के पहले चार दिनों में ही ईरान ने अमेरिका के करीब २ अरब की रक्षा प्रणाली क्षतिग्रस्त या नष्ट कर दी। इनमें सबसे महंगा रडार और मिलिट्री कम्युनिकेशन सिस्टम शामिल है। ईरान की बैलिस्टिक मिसाइलों ने सऊदी अरब से लेकर यूएई, जॉर्डन, कतर, बहरीन, इराक, कुवैत हर मुल्क में तबाही मचाई है। यह २००३ के बाद खाड़ी क्षेत्र में अमेरिका की सबसे बड़ी सैन्य तैनाती के बीच हुआ सबसे बड़ा हमला माना जा रहा है।
एएन/एफपीएस-१३२ रडार तबाह
कतर के अल-उदीद एयरबेस पर तैनात एएन/एफपीएस-१३२ नाम का एक अत्याधुनिक रडार ईरानी मिसाइल हमले में तबाह हो गया। यह रडार करीब १.१ अरब डॉलर का बताया जाता है। हालांकि, यह खुद किसी मिसाइल को मार गिराने का काम नहीं करता, बल्कि चेतावनी देने का काम करता है। कतर सरकार और सैटेलाइट तस्वीरों से इस हमले की पुष्टि हुई है।
क्या है ‘थाड’?
यह अमेरिका का एक उन्नत एंटी-बैलिस्टिक मिसाइल डिफेंस सिस्टम है, जो दुश्मन की कम और मध्यम दूरी की मिसाइलों को वायुमंडल के अंदर और बाहर ही नष्ट कर सकता है। यह सिस्टम लगभग करीब १.८१ अरब डॉलर प्रति बैटरी आता है। इसे ऑपरेट करने के लिए लगभग ९० सैनिक मिलकर काम करते हैं।
सैटेलाइट इमेज ने की हमलों की पुष्टि
ईरानी हमले में अमेरिका का महंगा डिफेंस सिस्टम ‘थाड’ ध्वस्त हो गया है। थाड सिस्टम का सबसे अहम हिस्सा उसका एएन/टीपीवाई-२ रडार होता है, जो दुश्मन की मिसाइलों को ट्रैक करता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान ने ऐसे दो रडारों को नष्ट कर दिया। अमेरिका ने जॉर्डन और यूएई में थाड डिफेंस सिस्टम को तैनात कर रखा था। ईरान ने इस डिफेंस सिस्टम के एक रडार को यूएई में तबाह किया, जिसकी कीमत करीब ५०० मियिन डॉलर बताई जा रही है। दूसरा रडार जॉर्डन के मुवाफक सल्ती एयर बेस पर तैनात था, जिसकी कीमत करीब ३०० मिलियन डॉलर थी। सैटेलाइट तस्वीरों में इन ठिकानों पर बड़े गड्ढे और जलने के निशान देखे गए हैं, जिससे हमलों की पुष्टि हुई है।
निशाने पर नौसेना का फिफ्थ फ्लीट मुख्यालय
बहरीन में स्थित अमेरिकी नौसेना के फिफ्थ फ्लीट मुख्यालय को भी ईरान ने नुकसान पहुंचाया। वहां दो सैटेलाइट कम्युनिकेशन टर्मिनल को उसने तबाह कर दिया। इनका इस्तेमाल मिलिट्री कम्युनिकेशन यानी युद्ध के दौरान अलग-अलग ठिकानों के बीच संपर्क बनाए रखने के लिए किया जाता है। इनकी कुल कीमत करीब २० मिलियन डॉलर बताई गई है। ईरान के हमलों में कई अमेरिकी सैन्य ठिकानों को भी नुकसान पहुंचा। कुवैत के एयर बेस और वैंâप बुहरिंग में कई इमारतें ढह गर्इं। इराक के एर्बि एयरबेस में चार इमारतें नष्ट हो गर्इं, जबकि यूएई के जेबेल अली पोर्ट इलाके में भी धुएं और आग के निशान देखे गए।

 

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