मुख्यपृष्ठनए समाचार‘दादा गुट की औलाद सत्ता के बिना नहीं रह सकती'!

‘दादा गुट की औलाद सत्ता के बिना नहीं रह सकती’!

-एक साल में ही साबित हो गया मेरा दावा

-घाती गुट के नेता तानाजी सावंत का विस्फोटक बयान

-भाजपा पर भी प्रहार, महायुति के नहीं मानते हैं सिद्धांत

सामना संवाददाता / मुंबई

महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर तूफान खड़ा हो गया है। महायुति में घाती गुट के वरिष्ठ नेता व पूर्व मंत्री तानाजी सावंत ने ‘दादा गुट’ पर विस्फोटक हमला बोला है। उन्होंने कहा कि वर्ष २०२२ में सत्ता परिवर्तन के बाद मैं महायुति का एकमात्र ऐसा विधायक था जो बोल रहा था कि यह स्थिति नहीं रहने वाली है। क्योंकि दादा गुट की औलाद ऐसी है कि वह सत्ता के बिना नहीं रह सकती। जैसे पानी से मछली बाहर निकालने पर होता है, वैसा ही उनका हाल होता है। मेरा यह दावा एक साल के भीतर ही सच साबित हो गया।
आगामी स्थानीय निकाय चुनावों में धाराशिव जिले में ‘स्वबल’ का नारा देते हुए पूर्व मंत्री व विधायक तानाजी सावंत ने दादा गुट के बारे में एक और विवादास्पद बयान दिया। उन्होंने कहा उस समय मैं यह भी कह रहा था कि दोनों राष्ट्रवादी अलग-अलग नहीं, बल्कि एक ही हैं। पिछले १०-१५ दिनों में आपको इसका अहसास हो गया होगा। चाहे किसी को मान्य हो या न हो, मेरे जो विचार हैं वही हैं। सावंत ने यह भी स्वीकार किया कि उन्हें उनको साथलेना मंजूर नहीं है। बिना नाम लिए भाजपा पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि इतनी हड़बड़ी क्यों? क्या उन्होंने हिंदुत्व स्वीकार किया है? उन्होंने आगे कहा कि क्या वे हमारे सिद्धांतों, युति के लक्ष्यों और नीतियों को मानते हैं? फिर हमारी पीठ पर उन्हें क्यों लाद रहे हैं?
जरूरत नहीं थी, फिर भी साथ लिए
वे आगे बोले कि जरूरत न होने के बावजूद उन्हें लिया गया, यह हमें मंजूर नहीं था। उन्हें लगता था कि सावंत अब नहीं आएंगे। इसलिए सब कुछ अपने हाथ में ले लेंगे, लेकिन मैं मैदान में उतरने वाला कार्यकर्ता हूं। हम अपने गढ़ को मजबूत रखने की कोशिश करेंगे।
सावंत का ‘एकला चलो’ संकेत
विकास का एजेंडा लेकर चलने की बात कहते हुए उन्होंने ‘स्वबल’ पर लड़ने के संकेत दिए। सावंत ने कहा कि घबराने की जरूरत नहीं है। साथ ही उन्होंने कहा कि परंडा में २० नगरसेवक और नगराध्यक्ष पद शिंदे गुट ‘स्वबल’ पर ही लड़ेगा।

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