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खालिस्तान की गूंज और १७ थ्रेट मेल … मुंबई, चेन्नई टारगेट पर

फिरोज खान / मुंबई
गुरुवार को ईमल द्वारा विधान भवन और अन्य प्रमुख स्थानों को बम से उड़ाने की धमकी मामले में सनसनीखेज खुलासा हुआ है। धमकी देने वाला एक ऐसा ग्रुप है, जो पिछले एक साल से लगातार मुंबई को धमकी दे रहा है। सबसे बड़ी चिंता की बात यह है कि थ्रेट मेल खालिस्तान की मांग को लेकर किए गए हैं। पिछले एक साल में इस ग्रुप ने मुंबई में १७ और चेन्नई में २२ बार धमकी भरे मेल किए हैं। भले ही धमकियां फर्जी साबित हुई हैं, लेकिन एक ही ग्रुप द्वारा एक जैसा थ्रेट मिलने से पुलिस की चिंताएं बढ़ गई हैं। खालिस्तान की मांग को लेकर भी जांच की जा रही है और पता करने की कोशिश की जा रही है कि ग्रुप का असल मकसद क्या है। सबसे अहम बात यह है कि धमकियों का खेल खेलने वाले इतने शातिर हैं कि वे एडवांस टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर पुलिस की पकड़ से कोसों दूर हैं। एक साल से पुलिस उक्त ग्रुप को ट्रेस करने की कोशिश कर रही है, लेकिन अब तक कामयाबी नहीं मिली है। इस ग्रुप की पहचान करने के लिए सेंट्रल एजेंसियां भी लगी हुई है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक हाल के सालों में मुंबई पुलिस को स्कूलों, कोर्ट, लग्जरी होटलों और खास सरकारी जगहों को टारगेट करने वाले बम की धमकी वाले बहुत सारे फर्जी धमकी के ईमेल मिले हैं। माना जाता है कि ये ईमेल टेक्निकली माहिर लोगों के एक छोटे ग्रुप से आए हैं, जो अपनी डिजिटल पहचान बहुत ध्यान से छिपाते हैं। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि ऐसी धमकियों के बाद रेगुलर एफआईआर तो दर्ज हो जाती है, लेकिन गिरफ्तारी बहुत कम होती है क्योंकि भेजने वाले अक्सर अपने डिजिटल फुटप्रिंट को छिपाने के लिए वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क विदेश में होस्ट की गई एन्क्रिप्टेड ईमेल सर्विस और डार्क वेब जैसे एडवांस्ड टूल्स का इस्तेमाल करते हैं। किसी भी डेटा के बिना, पुलिस को ज्यादातर मामलों में आरोपियों को ट्रैक करने में मुश्किल हुई है और वे सिर्फ उन्हीं को अरेस्ट कर पाए हैं, जो इतने एडवांस नहीं हैं कि अपनी पहचान छिपा सकें। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, गुरुवार को जो ई-मेल धमकी मिली थी, जिसकी वजह से विधान भवन को खाली कराना पड़ा, उसमें खालिस्तान की मांग थी। एक ऑफिसर के मुताबिक पिछले साल भी कुछ नकली धमकी भरे मेल मिले थे, जिनमें ऐसी ही मांगों का जिक्र था। एंटी टेररिज्म स्क्वॉड (एटीएस) भी पिछले साल भेजे गए मेल की जांच कर रहा है, लेकिन कोई कामयाबी नहीं मिली है। पुलिस को शक है कि यह वही ग्रुप हो सकता है, जिसने पिछले साल मेल भेजे थे। मुंबई पुलिस एक और रहस्यमयी होक्स धमकी भरे मेल भेजने वाले की भी तलाश कर रही है, जिसने अक्टूबर २०२५ तक शहर में अलग-अलग जगहों पर १७ धमकी भरे ई-मेल भेजे और गड़बड़ी पैâलाई। अलग-अलग धमकी भरे मेल के एनालिसिस के आधार पर पुलिस को नौ बातें एक जैसी मिलीं, जिनका इस्तेमाल करके उन्होंने पहचाना कि ये मेल एक ही ग्रुप भेज रहा था। बाद में पता चला कि चेन्नई पुलिस ने भी उसी ग्रुप के खिलाफ २२ केस दर्ज किए थे। ऑफिसर ने बताया सेंट्रल एजेंसियां ​​भी जांच कर रही थीं, लेकिन उस व्यक्ति का पता नहीं चल सका। उस व्यक्ति ने मेल आईडी बनाने के लिए डार्क वेब का इस्तेमाल किया और वीपीएन का इस्तेमाल किया, जिससे उसका सही आईपी एड्रेस ट्रैक करना मुश्किल हो गया। इन डिटेल्स के बिना, शरारतीतत्व के लोगों को ट्रैक करना मुमकिन नहीं है।

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