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शिकायतों की भरमार के बाद नींद से जागी सरकार… अवैध बाइक टैक्सी पर लगा ब्रेक!.. नियमों का उल्लंघन करने वाली कंपनियों के लाइसेंस रद्द

धीरेंद्र उपाध्याय / मुंबई

मुंबई और आसपास के क्षेत्रों में लंबे समय से अवैध बाइक टैक्सी सेवाओं का धंधा बेधड़क फलता-फूलता रहा और सड़कों पर मानो जंगलराज कायम हो गया। नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ती रहीं, लेकिन महायुति सरकार देर तक मूकदर्शक बनी रही। लगातार मिल रही शिकायतों, दुर्घटनाओं और सुरक्षा से जुड़े सवालों के बाद आखिरकार सरकार ने अवैध बाइक टैक्सी चलानेवाली कंपनियों के लाइसेंस रद्द कर दिए।
विधान परिषद में इस मुद्दे पर सदस्य सुनील शिंदे द्वारा उठाए गए सवाल के जवाब में सरकार ने बताया कि मुंबई महानगर क्षेत्र में अवैध रूप से संचालित बाइक टैक्सी सेवाओं के खिलाफ कार्रवाई की गई है। नियमों का उल्लंघन करने वाली कंपनियों के खिलाफ मामले दर्ज किए गए हैं और उनके अस्थायी लाइसेंस रद्द कर दिए गए हैं। केंद्र सरकार की मोटर वेहिकल गाइडलाइंस २०२० के आधार पर महाराष्ट्र में ई-बाइक टैक्सी सेवा के लिए अलग नीति बनाई गई है।
इलेक्ट्रिक होना अनिवार्य
महाराष्ट्र ई-बाइक टैक्सी नियम के अनुसार बाइक टैक्सी पूरी तरह इलेक्ट्रिक होना अनिवार्य है। कंपनियों को सभी शर्तें पूरी करने के लिए समय भी दिया गया था। इसी प्रक्रिया के तहत उबेर, रॉपन, और एएनआई को मुंबई महानगर क्षेत्र में ३० दिनों के लिए अस्थायी लाइसेंस जारी किया गया था। इस अवधि में सभी नियमों का पालन कर अंतिम लाइसेंस लेना आवश्यक था। हालांकि, कई कंपनियों द्वारा शर्तें पूरी किए बिना ही बाइक टैक्सी सेवा शुरू करने की शिकायतें सामने आर्इं।

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