मुख्यपृष्ठनए समाचारहिंदुस्थानियों का सौदा और ट्रंप की गुलामी!

हिंदुस्थानियों का सौदा और ट्रंप की गुलामी!

अरुण कुमार गुप्ता
हमारे ‘प्रधानसेवक’ लोगों को विश्व गुरु बनने का सपना दिखाकर सत्ता में आए थे, लेकिन भारत विश्व गुरु तो नहीं बना, विश्व गुलाम जरूर बन गया है। यदि आप समझते हैं कि अंग्रेज फिर समुद्री रास्ते से आएंगे, हमारी जमीनों पर कब्जा करेंगे और हमें गुलाम बनाएंगे तो यह गलत समझ रहे हैं। २१वीं सदी चल रही है। कोई बाहर से गुलाम बनाने नहीं आने वाला है, बल्कि हमारे ही लोग विदेश जाएंगे और हम हिंदुस्थानियों की गुलामी की डील करके आएंगे या यूं कहें कि डील करके आ चुके हैं।
अमेरिका-ईरान युद्ध के कारण देश में तेल और गैस नहीं आ पा रही है, लेकिन तेल और गैस तो चाहिए ही। फिर क्या, मोदी सरकार ने अमेरिका से रूस का तेल खरीदने के लिए अनुमति मांगी? यह हम नहीं कह रहे हैं बल्कि, ट्रंप सरकार के वित्त मंत्री एस्कॉर्ट बेंसेस ने खुलेआम यही कहा था। उन्होंने ट्वीट कर कहा था कि हमने भारत की तेल कंपनियों को रुस से तेल खरीदने की अनुमति दी है और यह अनुमति सिर्फ ३० दिनों के लिए है। ३० दिन की छूट खत्म होते ही भारत को अमेरिका से तेल खरीदना पड़ेगा और उससे भी ज्यादा तेल जितना रूस से खरीदा गया है। इसका मतलब है कि अमेरिका को ३० दिनों में जो नुकसान होगा, उसकी भरपाई भारत करेगा। अमेरिका लगातार आदेश दे रहा है कि हमें तेल किससे खरीदना है, कब खरीदना है और कितना खरीदना है, यह गुलामी नहीं तो और क्या है? हमारे ‘साहब’ हैं कि हर दिन हमें गुलाम बना रहे हैं या हम यह कहें कि हम गुलाम बन चुके हैं। तो कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी। विश्व गुरु का ‘सौदा’ और अमेरिका की गुलामी दुनिया देख रही है।

अन्य समाचार