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महायुति बना रही है मुंबई को कंगाल … अब रु. ३७,००० करोड़ निकालेंगे! …विकास परियोजनाओं के नाम पर मनपा की एफडी में लूट

रामदिनेश यादव / मुंबई
मनपा का वित्तीय वर्ष २०२६-२७ का बजट कल प्रस्तुत किया गया। इस बजट में सत्ताधारी भाजपा से जो अपेक्षा थी, उसने वही किया। महायुति आर्थिक दृष्टि से मुंबईकरों को कंगाल बना रही है। महायुति एक बार फिर एफडी तोड़नेवाली है। इस बार वह ३७,००० करोड़ जैसी बड़ी रकम निकालने जा रही है। माना जा रहा है कि यह विकास परियोजनाओं के नाम पर मनपा की सिर्फ एफडी की लूट का मामला है।
बता दें कि इस बजट में सबसे बड़ी घोषणा यह रही कि मनपा अपनी कुल एफडी की लगभग ४५ प्रतिशत रकम को विभिन्न विकास परियोजनाओं पर खर्च करेगी। मनपा के पास कुल ८१,४४९ करोड़ ३२ लाख रुपए की जमा राशि उपलब्ध है। इनमें से ४४,८२६ करोड़ २३ लाख रुपए बाध्य दायित्वों (आरक्षित निधि) के चलते उपयोग योग्य नहीं है। शेष ३६,६२३ करोड़ ०९ लाख रुपए शहर की विकास योजनाओं, मूलभूत संरचना और अन्य परियोजनाओं पर व्यय किए जाएंगे।

बजट में ८.७७ प्रतिशत की वृद्धि
मनपा का कुल बजट २०२६-२७ के लिए ८०,९५२.५६ करोड़ रुपए निर्धारित किया गया है। यह २०२५-२६ के ७४,४२७.४१ करोड़ रुपए के बजट की तुलना में लगभग ६,५२५ करोड़ रुपए (८.७७ प्रतिशत) अधिक है। चार वर्षों बाद सत्ता परिवर्तन के पश्चात नए प्रशासन का यह पहला पूर्ण बजट है। बजट आयुक्त भूषण गगरानी ने स्थायी समिति अध्यक्ष प्रभाकर शिंदे को प्रस्तुत किया।

‘एफडी तोड़ने’ की
विपक्ष ने की निंदा!

मुंबई मनपा में कल बजट पेश किया गया। मनपा में प्रशासन बैठने के बाद पिछले चार वर्षों में अबतक कई बार जमा एफडी को तोड़ा गया। चार साल के उपरांत हुए चुनाव के बाद सत्ता में आई भाजपा ने अब एफडी राशि का उपयोग करने के निर्णय को लेकर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप को हवा दे दी है।
विपक्ष का कहना है कि शिवसेना की सत्ता के दौरान जमा की गई राशि अब नई सत्ता द्वारा खर्च की जा रही है। जबकि प्रशासन का दावा है कि यह राशि शहर के विकास कार्यों के लिए नियोजित है। मनपा के अनुसार, खर्च की जाने वाली राशि का उपयोग मुख्यत: आधारभूत संरचना, सार्वजनिक सेवाओं के सुदृढ़ीकरण और नागरिक सुविधाओं के विस्तार में किया जाएगा।

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