मिरा रोड। सृष्टि फाउंडेशन द्वारा अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस, पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी की जयंती वर्ष और गायत्री परिवार के पावन शताब्दी वर्ष के त्रिवेणी संगम के उपलक्ष्य में विशेष कवि सम्मेलन ‘अंत्योदय नारी शक्ति काव्यांजलि’ का भव्य आयोजन किया गया। इस गरिमामयी संध्या में कविताओं के माध्यम से महिला सशक्तिकरण और पंडित दीनदयाल जी के ‘अंत्योदय’ (समाज के अंतिम व्यक्ति का उत्थान) के विचार को एक सूत्र में पिरोया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ डॉ रोशनी किरण की सुमधुर सरस्वती वंदना से हुआ। इसके बाद प्रसिद्ध साहित्यकार अविनाश त्रिपाठी की अध्यक्षता में काव्यधारा का प्रवाह शुरू हुआ। देश के प्रतिष्ठित रचनाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। पुष्पा चौधरी ने “ऐ हवाओं इन मसानों से न गुजरों” के माध्यम से गहरी संवेदना व्यक्त की, वहीं नीलिमा पांडे ने “पीड़ा के गांव” कविता से समाज के अनछुए पहलुओं को उजागर किया। डॉ रोशनी किरण ने “जब वो कहते प्रिय, तुम कितने प्यारे हो” गीत से प्रेम के भाव बिखेरे।
अविनाश त्रिपाठी ने अपनी प्रसिद्ध गजल “दुनिया तेरे खिलाफ हो तो भी तेरा हो जाना” से खूब वाहवाही लूटी। इसके अलावा प्रसाद सालवी, बिट्टू जैन, कमल नयन, अन्नपूर्णा गुप्ता और बिपिन गुप्ता ने अपनी प्रस्तुतियों से कार्यक्रम को यादगार बना दिया। प्रसिद्ध हास्य कवि राजीव निगम की चुटीली पंक्तियों और व्यंग्य ने श्रोताओं को ठहाके लगाने पर मजबूर कर दिया। कार्यक्रम का संचालन अन्नपूर्णा गुप्ता ने प्रभावी और सहज शैली में किया।
सृष्टि फाउंडेशन के अध्यक्ष बिपिन गुप्ता ने स्वागत भाषण में मुक्तकों के माध्यम से सभी का मन जीता। उन्होंने कवियों और अतिथियों को गायत्री मंत्र लिखित पट्टा और चांदी में मढ़ी श्री गणेश जी की प्रतिमा भेंट कर सम्मानित किया। मुख्य अतिथि डिंपल मेहता (महापौर) ने कवियों की सराहना करते हुए अपने क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों और महिला सशक्तिकरण के प्रयासों का उल्लेख किया। इस अवसर पर नगरसेवक प्रशांत दलवी, हेमा बेलानी और संजय पवार की उपस्थिति ने कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाई। अंत में बिपिन गुप्ता ने सभी कवियों, अतिथियों और श्रोताओं का आभार व्यक्त किया।
