सामना संवाददाता / मुंबई
ईरान-अमेरिका युद्ध ने खाड़ी देशों में रहनेवाले हिंदुस्थानियों को डर के साये में धकेल दिया है। खाड़ी के विभिन्न देशों में करीब एक करोड़ हिंदुस्थानी अप्रवासी रह रहे हैं। अमेरिकी हमले के बाद जिस तरह से ईरान ने पलटवार करते हुए यूएई, सऊदी अरब, ओमान समेत खाड़ी के नौ देशों पर मिसाइल दागे हैं, उससे वहां रहनेवाले एक करोड़ हिंदुस्थानियों की जान खतरे में पड़ गई है। कई देशों के भारतीय दूतावास ने वहां अपने नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी कर करते हुए कहा है कि वे सुरक्षित स्थानों पर चले जाएं।
डर का माहौल है
रियाद में निजी कंपनी में ड्राइवर का काम करने वाले नादिर खान ने बताया कि जब से ईरान ने खाड़ी देशों स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डों पर हमले शुरू किए हैं, तब से डर का माहौल बना हुआ है। ओमान में अपने खुद का ट्रेलर किराए पर चलाने वाले रियाज शेख का कहना है कि दो महीने पहले ही छुट्टी मनाकर ओमान लौटे थे। ईरान के हमले से ऐसा लग रहा कि फिर भारत लौटना पड़ेगा।
अप्रवासियों की संख्या
यूएई: ४३ लाख
सऊदी: २५ लाख
ओमान: १३ लाख
कुवैत: ११ लाख
कतर: ८ लाख
बहरीन: ३ लाख
इज़राइल: १ लाख
जॉर्डन: २० हजार
इराक: १० हजार
हमारी मदद करें
हमले के बीच तेहरान में फंसी एक छात्रा ने वीडियो जारी कर भारत सरकार से मदद की गुहार लगाई है। छात्रा ने कहा, ‘मैं तेहरान में हूं। यहां स्थिति बेहद खराब होती जा रही है, हमें नहीं पता कि आगे क्या होगा। हवाई हमले लगातार हो रहे हैं, हमारी मदद करें।’
