तो बात बन जाए

तुम जो मेरा साथ हो तो बात बन जाए
हाथों में तेरा हाथ हो तो बात बन जाए।
यूं ही नहीं बेवजह, कोई किसी को लुभाता है
जरा और करीब आ जाओ तो बात बन जाए।
जबसे देखा तुम्हें, ख़यालों में तुम ही तुम हो
ख़्वाब मेरा, हकीकत हो जाए तो बात बन जाए।
मोहब्बत हो तो मुक्कमल हो, इश्क दो तरफा हो
धड़कनें इक दूजे की सुन पाएं तो बात बन जाए।
तुझे पाने की तमन्ना कबसे पाल रखी है मैंने
‘इज़हार ए मोहब्बत’ तुम करो तो बात बन जाए।
तन्हा ज़िंदगी कटेगी नहीं, ना मेरी, ना तेरी जानम
दो जिस्म मिल इक जान हो जाएं तो बात बन जाए।
मुश्किलें आसां हो जाएंगी मिल बैठें जो हम दो
इन्हें अंजाम दे सकें हम तो बात बन जाए।
जमाने के पहरों से मोहब्बत छुपती नहीं, झुकती नहीं
हम इसकी मिसाल पेश करें तो बात बन जाए।
-त्रिलोचन सिंह अरोरा

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