मुख्यपृष्ठनए समाचारतीसरे विश्व युद्ध की दस्तक... ईरान को मिला पुतिन का साथ!

तीसरे विश्व युद्ध की दस्तक… ईरान को मिला पुतिन का साथ!

-बोले, हमारा समर्थन अटूट, हर परिस्थिति में रहेंगे एकजुट

एजेंसी / नई दिल्ली

अमेरिका-इजरायल की ईरान के साथ जारी जंग के बीच तीसरे विश्व युद्ध की दस्तक सुनाई दी है। इस क्रम में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने सोमवार को बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि रूस मौजूदा संघर्ष के बीच ईरान के साथ मजबूती से खड़ा है। पुतिन ने मोजतबा खामेनेई को ईरान का नया नेता बनने पर बधाई भी दी और तेहरान को ‘अटूट समर्थन’ देने की बात दोहराई। पुतिन ने कहा कि रूस अपने ईरानी मित्रों के साथ एकजुटता व्यक्त करता है और कठिन परिस्थितियों में भी ईरान के साथ खड़ा रहेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि मोजतबा खामेनेई अपने पिता अली खामेनेई के कार्यों को आगे बढ़ाते हुए ईरानी जनता को एकजुट करेंगे।
पुतिन ने कहा कि ऐसे समय में, जब ईरान सशस्त्र हमलों का सामना कर रहा है, इस पद पर नेतृत्व करना साहस और समर्पण की बड़ी परीक्षा होगी। इससे पहले पुतिन ने शुक्रवार देर रात ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान से फोन पर बातचीत की थी। इस दौरान उन्होंने ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई, उनके परिवारिक सदस्यों, राजनीतिक और सैन्य नेताओं तथा कई नागरिकों की मौत पर गहरी संवेदना व्यक्त की।
पश्चिम को ठहराया जिम्मेदार
इसी बीच पुतिन ने यूक्रेन संकट को भड़काने के लिए पश्चिमी देशों को जिम्मेदार ठहराया। सरकारी टीवी कार्यक्रम ‘मॉस्को, क्रेमलिन, पुतिन’ को दिए साक्षात्कार में उन्होंने कहा कि यूक्रेन में सत्ता परिवर्तन के लिए पश्चिमी देशों के समर्थन से ही यह संघर्ष शुरू हुआ। पुतिन के अनुसार, संकट की शुरुआत यूक्रेन में तख्तापलट के समर्थन, फिर क्रीमिया की घटनाओं और उसके बाद दक्षिण-पूर्वी यूक्रेन के डोनबास क्षेत्र में हुए संघर्ष से हुई। उन्होंने कहा कि इसमें रूस की भूमिका नहीं थी, बल्कि यह पश्चिमी देशों की नीतियों का परिणाम है।
शांति वार्ता पर अनिश्चितता
पुतिन का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब रूस और यूक्रेन के बीच अमेरिका की मध्यस्थता में प्रस्तावित शांति वार्ता का अगला दौर अनिश्चित बना हुआ है। रूसी राष्ट्रपति ने यूक्रेन के नेतृत्व पर यूरोपीय देशों को गुमराह करने का आरोप लगाया और कहा कि यह स्थिति ऐसी है, जहां एक छोटे समूह को संतुष्ट करने के लिए बड़े समूह को कदम उठाने पड़ते हैं।
विकराल रूप लेगा जंग!
विश्लेषकों का मानना है कि सुप्रीम लीडर के पद पर मोजतबा खामेनेई की नियुक्ति से इस बात के संकेत मिलते हैं कि आगे आने वाले समय में तेहरान युद्ध से पीछे हटने के बजाय और आक्रामक रुख अपना सकता है। यानी ईरान जंग और गहरा सकता है, जिसका पूरी दुनिया पर असर पड़ने वाला है। विशेषज्ञों का कहना है कि मोजतबा खामेनेई अपने पिता से भी अधिक कट्टर माने जाते हैं। अब उनके पास ईरान की सेना और परमाणु कार्यक्रम से जुड़े पैâसलों का पूरा नियंत्रण होगा। ऐसे में आने वाले समय में जंग और विकराल रूप ले सकता है।

अन्य समाचार