जेदवी / मुंबई
मुंबई में अपने हक और रोजी-रोटी की लड़ाई लड़ रहे हजारों फेरीवालों का गुस्सा अब खुलकर सड़कों पर आने वाला है। पात्र और संरक्षित फेरीवालों के खिलाफ लगातार हो रही कार्रवाई और उन्हें ‘बांग्लादेशी’ बताकर उजाड़ने के आरोपों के विरोध में फेरीवालों ने राज्य सरकार और भाजपा के खिलाफ आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है। ‘आजाद हॉकर्स यूनियन’ सहित विभिन्न संगठन आज आजाद मैदान में महामोर्चा और धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं।
फेरीवालों के प्रतिनिधियों का आरोप है कि १ मई २०१४ के पहले से व्यवसाय कर रहे पात्र और संरक्षित सड़क विक्रेताओं को भी पुलिस और मनपा द्वारा परेशान किया जा रहा है। उनका कहना है कि सड़क विक्रेता (उपजीविका संरक्षण एवं सड़क विक्रय विनियमन) अधिनियम २०१४ के तहत मनपा द्वारा किए गए सर्वेक्षण में पात्र पाए गए विक्रेताओं को भी बेवजह कार्रवाई का सामना करना पड़ रहा है।
प्रिंसेस स्ट्रीट पर वसूले `६.५ लाख
प्रतिनिधियों के मुताबिक, प्रिंसेस स्ट्रीट स्थित दवा बाजार क्षेत्र के ३२ पात्र फेरीवालों से एलटी मार्ग पुलिस स्टेशन द्वारा पिछले छह महीनों में करीब ६ लाख ५० हजार रुपए का दंड वसूला गया है। वहीं बोरीवली में पात्र फेरीवालों को ‘बांग्लादेशी’ बताकर हटाने, दादर में वर्षों से कारोबार कर रहे विक्रेताओं को उजाड़ने और अंधेरी-पश्चिम में बड़े पैमाने पर कार्रवाई किए जाने की शिकायत सामने आई है। फेरीवालों का यह भी आरोप है कि मुंबई की पहचान माने जाने वाले जुहू चौपाटी इलाके से नारियल पानी विक्रेताओं सहित कई फेरीवालों को हटाया जा रहा है, जिससे उनकी आजीविका पर संकट खड़ा हो गया है।
फेरीवाला संगठनों की मांग
संगठनों की मांग है कि अधिनियम २०१४ की धारा ३ के अनुसार, पात्र विक्रेताओं को तुरंत वेंडिंग सर्टिफिकेट जारी किए जाएं और जब तक यह प्रक्रिया पूरी नहीं होती, तब तक उन्हें हटाने की कार्रवाई रोकी जाए। उनका आरोप है कि कई जगहों पर मनपा द्वारा बिना स्पष्ट नियम के प्रत्येक विक्रेता से ९० रुपए और जीएसटी सहित ११८ रुपए की वसूली की जा रही है।
तो और भी उग्र होगा आंदोलन
फेरीवालों का कहना है कि इन सभी मुद्दों को लेकर सरकार का ध्यान आकर्षित करने के लिए आजाद मैदान में शांतिपूर्ण महामोर्चा निकाला जाएगा। यदि सरकार ने समय रहते उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया तो आंदोलन और भी तेज किया जाएगा।
