-पेंटागन की चेतावनी, संकट में आ जाएगा अमेरिका
-अब क्या करेंगे अमेरिकी राष्ट्रपति?
एजेंसी / तेहरान
अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच लगातार तनाव बढ़ता जा रहा है। इसी बीच पेंटागन से एक जानकारी लीक हुई है, जो कि अमेरिका के लिए चिंता की बात है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अगर अमेरिका अगले १० दिन तक ईरान पर इसी तरह तेजी से हमला करना जारी रखता है तो उसकी अहम मिसाइलों का भंडार कम हो सकता है।
एक रिपोर्ट के मुताबिक, पेंटागन ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को आगाह किया कि यदि ईरान के साथ युद्ध लंबा चलता है तो गोला-बारूद की कमी हो जाएगी। हालांकि, ट्रंप ने ट्रूथ सोशल मीडिया पर दावा किया कि अमेरिका के पास मध्यम और उच्च श्रेणी के हथियारों का भंडार लगभग असीमित है और इनसे युद्ध लंबे समय तक लड़ा जा सकता है। वहीं अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि ईरान हर महीने १०० से ज्यादा मिसाइलें बना रहा है, जबकि अमेरिका केवल ६-७ इंटरसेप्टर तैयार कर पा रहा है। यदि लागत की बात करें तो पहले २४ घंटे में ही अमेरिका ने करीब ७७९ मिलियन डॉलर (लगभग ६,९०० करोड़ रुपए) खर्च कर दिए। सेंटर फॉर न्यू अमेरिकन सिक्योरिटी के अनुसार, यूएसएस गेराल्ड आर. फोर्ड जैसे विमानवाहक पोत समूह को संचालित करने में रोजाना ६.५ मिलियन डॉलर का खर्च आता है। युद्ध से पहले दो वैâरियर स्ट्राइक ग्रुप तैनात किए गए, जिनकी कुल तैयारी लागत लगभग ६३० मिलियन डॉलर आंकी गई है।
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इजरायल के हमलों के जवाब में ईरान ने दुबई और कतर में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागी…तेजी से खर्च हो रहे हैं `स्मार्ट बम’
विश्लेषकों का कहना है कि सबसे ज्यादा प्रेशर इंटरसेप्टर मिसाइलों पर पड़ेगा। पिछले साल ईरान के साथ टकराव में अमेरिका ने अपनी थाड इंटरसेप्टर मिसाइलों का २५ फीसदी इस्तेमाल कर लिया था। इसके अलावा ज्वाइंट डायरेक्ट अटैक म्यूनिशन जैसे जीपीएस-गाइडेड ‘स्मार्ट बम’ भी तेजी से खर्च हो रहे हैं। रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि स्टैंडर्ड मिसाइल-३ जैसे उन्नत एंटी-बैलिस्टिक इंटरसेप्टर का स्टॉक भी सीमित है।
