मुख्यपृष्ठनए समाचारजहाजों को एस्कॉर्ट करने के लिए ट्रंप ने मांगी वैश्विक मदद ......

जहाजों को एस्कॉर्ट करने के लिए ट्रंप ने मांगी वैश्विक मदद … अमेरिकी राष्ट्रपति को जापान ने दिखाया ठेंगा

जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची ने संसद में कहा कि टोक्यो के पास हॉर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले तेल टैंकरों की सुरक्षा के लिए अपने नौसैनिक जहाज भेजने की कोई योजना नहीं है। प्रधानमंत्री ने कहा कि हमने अब तक कोई भी पैâसला नहीं लिया है कि हम जहाज तैनात करेंगे या नहीं। हम यह देख रहे हैं कि जापान स्वतंत्र रूप से क्या कर सकता है और कानूनी ढांचे के भीतर क्या संभव है। यह बयान ऐसे समय में आया है, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लगातार अपने सहयोगी देशों से अपील कर रहे हैं कि वे इस महत्वपूर्ण जलमार्ग की सुरक्षा में मदद करें, जिससे दुनिया के एक-पांचवें तेल की सप्लाई गुजरती है।
नेवल कोएलिशन का मकसद और संभावित घोषणा
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, नेवल कोएलिशन का उद्देश्य दुनिया के सबसे अहम तेल मार्गों में से एक होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। उम्मीद जताई जा रही है कि इस एलान की घोषणा अगले कुछ दिनों में हो सकती है और इस हफ्ते के अगले ७२ घंटे इस मामले में अहम साबित हो सकते हैं। अगर ऐसा होता है तो यह ईरान और अमेरिका के बीच समुद्री टकराव को और बढ़ा सकता है।
हॉर्मुज जलमार्ग की अहमियत
दुनिया के तेल व्यापार के लिए हॉर्मुज जलमार्ग बेहद महत्वपूर्ण है। अनुमान है कि दुनिया के करीब २० प्रतिशत कच्चे तेल की सप्लाई इसी समुद्री मार्ग से गुजरती है, लेकिन मध्य-पूर्व में जारी संघर्ष के चलते इस मार्ग पर जहाजों की आवाजाही लगभग ठप हो गई है। इसके कारण कई देशों में ईंधन की कीमतों में तेजी देखने को मिली है। अगर यह रास्ता लंबे समय तक बंद रहता है तो इसका असर भारत समेत पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है।
ट्रंप ने कई देशों से मांगे युद्धपोत
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कई देशों से अपील की है कि वे अपने युद्धपोत इस इलाके में भेजें, ताकि तेल और कंटेनर जहाज सुरक्षित तरीके से गुजर सकें। इस मिशन में जिन देशों का नाम सामने आया है, उनमें चीन, प्रâांस, जापान, साउथ कोरिया और यूनाइटेड किंगडम शामिल हैं। हालांकि, अभी तक किसी भी देश ने सार्वजनिक रूप से पक्का समर्थन नहीं दिया है।

अन्य समाचार