– सात देशों में एक ने भी नहीं मानी अमेरिका की बात
एजेंसी / तेहरान
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के होर्मुज स्ट्रेट से व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा के लिए सात देशों से वहां युद्धपोत तैनात करने की मांग की थी। मगर इन सभी देशों ने ट्रंप को फिलहाल ठेंगा दिखा दिया है। ट्रंप ने गत रविवार को होर्मुज को खुला रखने के लिए युद्धपोत भेजने की मांग की थी। हालांकि, ईरान के साथ जारी युद्ध के बीच तेल की कीमतें बढ़ने के बावजूद उनकी इस अपील पर अभी तक किसी देश की ओर से कोई ठोस जवाब नहीं मिला है।
इस बीच तेहरान ने अमेरिका पर आरोप लगाया है कि उसने ईरान के तेल निर्यात के मुख्य टर्मिनल वाले खार्ग द्वीप पर हमले करने के लिए संयुक्त अरब अमीरात में मौजूद ‘बंदरगाहों, गोदियों और ठिकानों’ का इस्तेमाल किया। वहीं जंग खत्म होने के कोई संकेत नहीं मिलने के बीच हिंदुस्थान में ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंताएं बढ़ती जा रही हैं।
क्या हिंदुस्थान तैयार है?
हिंदुस्थान की पूर्व विदेश सचिव निरुपमा राव ने लिखा है कि रणनीतिक स्वायत्तता का उद्देश्य हिंदुस्थान के विकल्पों का विस्तार करना था। अब सवाल यह है कि क्या ऐसे विश्व में, जहां बड़ी शक्तियां लगातार नियमों को बदल रही हैं, हिंदुस्थान इन विकल्पों का स्पष्टता के साथ इस्तेमाल करने के लिए तैयार है?
