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चर्चित चिकित्सक हत्याकांड में आया फैसला, आरोपी दोषी करार …सरकारी अस्पताल में तैनात रहे चिकित्सक घनश्याम तिवारी की ढाई साल पूर्व पीट पीटकर हुई थी नृशंस हत्या

सामना संवाददाता / सुल्तानपुर

करीब ढाई वर्ष पूर्व सुल्तानपुर जिले में दहला देने वाले एक वाकये के दौरान सरकारी अस्पताल में तैनात रहे एक चिकित्सक की शहर के ही एक मुहल्ले में दबंगों ने पीट पीटकर मरणासन्न कर दिया था और फिर उन्हें अचेतावस्था में ई रिक्शा पर लादकर घर भेज दिया था। घर पहुंचते ही उन्होने दम तोड़ दिया।वारदात के आरोपी सत्तासीन राजनीतिक दल से जुड़े होने के कारण प्रकरण ने राजनीतिक रंग ले लिया और स्थानीय स्तर पर जातीय राजनीति भी प्रबल हो उठी। पुलिस के लचर रवैय्ये के कारण तत्कालीन शहर कोतवाल रामाशीष उपाध्याय को भी कप्तान ने सस्पेंड कर दिया। आरोपियों पर बुलडोजर एक्शन भी हुआ। अंततः चार्जशीट के बाद स्थानीय अदालत में ट्रायल शुरू हुआ। करीब सवा दो साल तक एडीजे प्रथम की अदालत में ट्रायल चला। अंततः एडीजे संध्या चौधरी ने बुधवार को फैसला सुनाते हुए दोनों आरोपियों अजय नारायण सिंह व दीपक सिंह को दोषी करार दिया। दोनों को अदालत ने जेल भेज दिया है और अब सजा के लिये अदालत ने २४ मार्च की तारीख नियत की है।
बता दें ,सुल्तानपुर कोतवाली नगर अंतर्गत शास्त्रीनगर मोहल्ले की निवासी निशा तिवारी ने २३ सितंबर २०२३ की घटना बताते हुए अपने पति घनश्याम तिवारी की हत्या के आरोप में मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने शास्त्रीनगर चौकी क्षेत्रांतर्गत नरायनपुर गांव निवासी जगदीश नरायण सिंह,विजय नारायण सिंह,अजय नरायन सिंह व धनपतगंज के मायंग निवासी दीपक सिंह के खिलाफ आरोप-पत्र पेश किया था। मामले में दो आरोपियों की विचारण के दौरान मृत्यु हो गई,जबकि आरोपी अजय नारायण सिंह व दीपक सिंह के खिलाफ ट्रायल चल रहा था। जिन्हें दोषी करार दिया गया है।

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