मुंबई। देश और वैश्विक स्तर पर अलाईड हेल्थकेयर पेशेवरों की बढ़ती मांग को देखते हुए विजयभूमि विश्वविद्यालय और अपोलो हेल्थकेयर अकादमी के बीच अलाईड हेल्थ साइंसेज में स्नातक कार्यक्रम शुरू करने हेतु एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इस साझेदारी का उद्देश्य उच्च गुणवत्ता वाले, कुशल और व्यावहारिक प्रशिक्षण से लैस स्वास्थ्यकर्मियों को तैयार करना है।
इस रणनीतिक सहयोग के तहत विजयभूमि विश्वविद्यालय के अत्याधुनिक शैक्षणिक ढांचे और अपोलो हेल्थकेयर अकादमी की मजबूत क्लिनिकल विशेषज्ञता को एक साथ जोड़ा जाएगा। इसके माध्यम से ऐसे स्नातक कार्यक्रम संचालित किए जाएंगे, जिनमें अकादमिक अध्ययन के साथ अस्पताल-आधारित प्रशिक्षण को भी समान महत्व दिया जाएगा। कार्यक्रमों में एनेस्थीसिया एवं ऑपरेशन थिएटर टेक्नोलॉजी, मेडिकल लेबोरेटरी टेक्नोलॉजी, क्रिटिकल केयर टेक्नोलॉजी सहित अन्य अलाईड हेल्थ विषयों को शामिल किया गया है, जिनकी वर्तमान स्वास्थ्य प्रणाली में अत्यधिक मांग है।
यह पाठ्यक्रम नेशनल कमीशन फॉर अलाईड एंड हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स के दिशा-निर्देशों के अनुरूप तैयार किया गया है, जिससे नियामक अनुपालन, राष्ट्रीय मान्यता और अंतरराष्ट्रीय प्रासंगिकता सुनिश्चित की जा सके। विद्यार्थियों को अपोलो हॉस्पिटल्स एवं संबद्ध स्वास्थ्य संस्थानों में संरचित क्लिनिकल रोटेशन की सुविधा मिलेगी। इसके अंतर्गत अंतिम वर्ष में व्यापक इंटर्नशिप भी शामिल होगी, ताकि छात्र वास्तविक अस्पताल परिवेश में काम करने के लिए पूरी तरह तैयार हो सकें।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, विश्व स्वास्थ्य संगठन सहित कई वैश्विक एजेंसियों ने अलाईड हेल्थ प्रोफेशनल्स की गंभीर कमी को लेकर चिंता जताई है। बढ़ती उम्रदराज आबादी और स्वास्थ्य सेवाओं की बढ़ती मांग के चलते यह अंतर और गहरा होने की आशंका है। विजयभूमि और अपोलो की यह पहल इसी चुनौती का समाधान करने की दिशा में एक ठोस कदम मानी जा रही है।
इस अवसर पर अपोलो नॉलेज के सीईओ शिवरामकृष्णन वेंकटेश्वरन ने कहा कि अपोलो हेल्थकेयर अकादमी शिक्षा और व्यावहारिक प्रशिक्षण के बीच की दूरी को कम करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। यह साझेदारी छात्रों को भारत और वैश्विक स्तर पर करियर के नए अवसर प्रदान करेगी तथा उन्हें आत्मविश्वास और आधुनिक कौशल से सुसज्जित करेगी।
