ईरान को अकेले हराने की भरी हुंकार
स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज पर दोस्तों से गच्चा मिलने के बाद भड़के डोनाल्ड ट्रंप ने भड़ास निकाली है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि हम सबसे शक्तिशाली देश हैं। हमारे पास दुनिया की सबसे मजबूत सेना है। हमें किसी की जरूरत नहीं है। हम अकेले ही ईरान को हराएंगे। हॉर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने में मदद करने के लिए अमेरिकी सहयोगियों से की गई राष्ट्रपति ट्रंप की अपील को चुप्पी या सीधे तौर पर अस्वीकृति मिलने के एक दिन बाद उन्होंने अपनी नारजगी जाहिर की है।
बता दें कि सहयोगी देशों की चुप्पी और सीधे इनकार के बाद ट्रंप ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा, हम दुनिया के सबसे शक्तिशाली राष्ट्र हैं और हमारी सेना सबसे मजबूत है। हमें किसी की जरूरत नहीं है। हम अकेले ही ईरान को हराने में सक्षम हैं। ट्रंप की यह प्रतिक्रिया सहयोगी देशों द्वारा होर्मुज स्ट्रेट में मदद भेजने से इनकार करने के बाद आई है।
नाटो सहयोगियों को दी चेतावनी
ट्रंप ने नाटो सदस्यों की आलोचना करते हुए कहा कि जब बात अमेरिका की आती है, तो ये देश पीछे हट जाते हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सहयोगी देश इसी तरह नकारात्मक रवैया अपनाते रहे, तो भविष्य में नाटो के लिए यह स्थिति बेहद घातक साबित हो सकती है। ट्रंप ने याद दिलाया कि अमेरिका ने हमेशा नाटो और यूक्रेन जैसे मुद्दों पर दुनिया की मदद की है।
ट्रंप की अपील उल्टी पड़ी
ट्रंप की अपील का असर उम्मीद से उलट रहा। जर्मनी, स्पेन और इटली जैसे प्रमुख देशों ने स्पष्ट किया है कि उनके पास हॉर्मुज में युद्धपोत भेजने की कोई योजना नहीं है। जर्मन चांसलर ने तो यहां तक कह दिया कि युद्ध शुरू करने से पहले वाशिंगटन ने उनसे कोई परामर्श नहीं किया था, इसलिए वे बिना यूएन या यूरोपीय संघ की मंजूरी के इसमें शामिल नहीं होंगे।
