इजरायली पीएम को खत्म करने की ईरानी सेना ने खाई कसम
एजेंसी / तेहरान
मध्य पूर्व में तनाव एक बार फिर बढ़ता नजर आ रहा है। ईरान से जुड़े सैन्य हलकों की ओर से यह दावा किया गया है कि देश के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई पर किसी भी हमले या साजिश का बदला कड़ा लिया जाएगा। बयान में कहा गया कि ‘खून का बदला खून से लिया जाएगा’ और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को नहीं छोड़ा जाएगा। इन कथित धमकियों के बाद क्षेत्र में सुरक्षा और राजनीतिक तनाव को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
ईरानी गार्ड्स ने अपनी वेबसाइट सेपाह न्यूज पर बयान जारी करते हुए कहा, ‘अगर बच्चों की जान लेने वाला यह अपराधी जिंदा है, तो हम पूरी ताकत से उसका पीछा करते रहेंगे और उसे मार गिराएंगे।’ एक संदेश में आईआरजीसी के कमांडरों ने कहा कि २८ फरवरी को अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या एक ऐसा अपराध है, जिसका हिसाब नेतन्याहू को अपनी जान देकर चुकाना होगा। वहीं इजरायल के रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज ने शनिवार को कहा कि तेहरान के साथ युद्ध अब एक निर्णायक चरण में प्रवेश कर रहा है। उन्होंने ईरान के खर्ग द्वीप पर स्थित तेल निर्यात केंद्र पर अमेरिका द्वारा किए गए हमलों की सराहना की, जिन्हें वाशिंगटन ने सैन्य लक्ष्य बताया था।
` पिता की मौत का लेंगे बदला’
गुरुवार को ईरान के नए सर्वोच्च नेता अयातुल्ला मोजतबा खामेनेई ने अपने पिता का पद संभालने के बाद पहला बयान जारी किया। उन्होंने कहा कि ईरान खाड़ी देशों पर हमले जारी रखेगा। साथ ही उन्होंने उस युद्ध में `अन्य मोर्चे’ खोलने की धमकी दी जिसने पहले ही विश्व ऊर्जा आपूर्ति, वैश्विक अर्थव्यवस्था और अंतर्राष्ट्रीय यात्रा को बाधित कर दिया है।
एआई से दिखाया ` नकली’ नेतन्याहू!
बीते एक सप्ताह से इजरायल के पीएम नेतन्याहू सार्वजनिक तौर पर नजर नहीं आए हैं। इसी बीच शुक्रवार को उनका एक वीडियो जारी किया गया। इस वीडियो पर इजरायलियों का कहना है कि ये नेतन्याहू नहीं हैं और वीडियो को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई से बनाया गया है। वीडियो में नेतन्याहू के हाथ में कथित तौर पर छह उंगलियां दिखने से इस चर्चा ने जोर पकड़ा है। हालांकि, यह सब चर्चाएं सोशल मीडिया तक ही सीमित हैं।
इलाके में दिखाई देने वाले उपकरणों या संरचना के आधार पर यह अनुमान भी लगाया जा सकता है कि वहां किस प्रकार की सैन्य टुकड़ी तैनात हो सकती है। इतना ही नहीं, जरूरत पड़ने पर यह सिस्टम जासूसी ड्रोन भेजने की सलाह भी दे सकता है।
दुश्मन की हर चाल पर ‘चैटबॉट’ से नजर
एक रिपोर्ट के अनुसार, चैटबॉट दुश्मन देश की हर चाल पर नजर रखेगा। यह एआई सिस्टम रडार और सैटेलाइट इमेजरी का विश्लेषण कर संदिग्ध सैन्य गतिविधियों की पहचान कर सकता है। किसी इलाके में दिखाई देने वाले उपकरणों या संरचना के आधार पर यह अनुमान भी लगाया जा सकता है कि वहां किस प्रकार की सैन्य टुकड़ी तैनात हो सकती है। इतना ही नहीं, जरूरत पड़ने पर यह सिस्टम जासूसी ड्रोन भेजने की सलाह भी दे सकता है।
