-लखनऊ में रु. २९९ करोड़ का `ग्रीन कॉरिडोर’
लोकार्पण के ३ दिन बाद धंसा
-सीएम योगी व रक्षा मंत्री ने काटा था फीता
-खाटू श्याम मंदिर के पास ५ फीट गहरा गड्ढा
-कांग्रेस ने सरकार को घेरा, गुणवत्ता पर उठाए सवाल
यूपी की राजधानी लखनऊ में हाल ही में लोकार्पित ग्रीन कॉरिडोर परियोजना की सड़क तीसरे दिन ही धंस जाने से निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो गए हैं। यह घटना खाटू श्यामजी मंदिर के पास हुई, जहां सड़क का एक हिस्सा धंसकर करीब पांच फीट गहरा गड्ढा बन गया। इस बीच कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने भी इसको लेकर सवाल उठाया है। उन्होंने योगी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि, वाह रे डबल इंजन का विकास! अभी २ दिन पहले ही रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने लखनऊ में जिस `ग्रीन कॉरिडोर’ का भारी तामझाम के साथ उद्घाटन किया था, वो पहली बारिश भी नहीं झेल पाया।
अजय राय ने आगे कहा कि खाटू श्याम मंदिर के पास सड़क धंसकर ५ फीट गहरा गड्ढा हो गई। जनता की गाढ़ी कमाई `सीवर’ में जा रही है या भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ रही है? मुख्यमंत्री जी, क्या यही आपका गड्ढा-मुक्त प्रदेश है। बताया जा रहा है कि सीवेज लाइन फटने के कारण सड़क धंस गई। स्थानीय लोगों ने घटना को लेकर निर्माण कार्य और निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए मामले की जांच की मांग की है। बीते शुक्रवार को मुख्यमंत्री योगी और रक्षा मंत्री व लखनऊ के सांसद राजनाथ सिंह ने ग्रीन कॉरिडोर के दूसरे चरण का लोकार्पण किया था, जबकि तीसरे और चौथे चरण के कार्यों का शिलान्यास भी किया गया था। ग्रीन कॉरिडोर परियोजना शहर में यातायात को सुगम बनाने के उद्देश्य से बनाई जा रही है। इसका पहला चरण ११ मार्च २०२४ को लगभग १०० करोड़ रुपए की लागत से लोकार्पित किया गया था। करीब ६.८ किलोमीटर लंबा यह फ्लाईओवर आईआईएम रोड से पक्का पुल तक बनाया गया है।
२९९ करोड़ की लागत से हुआ लोकार्पण
दूसरे चरण में डालीगंज से निशातगंज होते हुए समता मूलक चौराहे तक का हिस्सा शामिल है, जिसका लोकार्पण लगभग २९९ करोड़ रुपए की लागत से किया गया है। घटना के बाद प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि सड़क धंसने के कारणों की जांच कराई जा रही है और जल्द ही मरम्मत कराकर मार्ग को सामान्य किया जाएगा।
