ईरान में लोग सड़कों पर उतरकर सरकार का विरोध कर रहे हैं। सरकार आंदोलनकारियों पर गोली चला रही है। वहीं देश के कुछ सबसे धनी लोग ऐसे समय तुर्किए भाग गए, ताकि वे वहां पार्टी कर सकें। इन पर ऐसे आरोप लगाए जा रहे हैं कि ये वही लोग हैं, जो खामेनेई शासन में चांदी काट रहे हैं, जबकि उनके देश में दमनकारी सरकार प्रदर्शनों के दौरान हजारों निवासियों का नरसंहार कर रही है।
ईरान में जिस आर्थिक संकट ने राष्ट्रीय आक्रोश को जन्म दिया, उसका असर वहां के कुछ सबसे धनी लोगों पर कोई असर नहीं है इसलिए वे लोग ईरान की सीमा से मात्र ६० मील दूर स्थित तुर्की के एक शहर वान में शरण लिए हुए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, पत्रकारों ने एक नाइटक्लब में अभिजात वर्ग के ईरानी लोगों को इकट्ठा होते देखा।
खामेनेई शासन में चांदी काट रहे ये लोग
ये लोग शासन से लाभान्वित होते हैं। सबसे ज्यादा सरकारी मलाई खाने वाले लोगों में से हैं। वे फिलहाल ईरान छोड़कर चले गए हैं, क्योंकि उन्हें वहां रहने पर खुद के लिए खतरनाक माहौल बन जाने का डर था। तुर्की वे सुरक्षित महसूस कर सकते हैं। ये बातें क्लब में मौजूद एक ईरानी ने उस आउटलेट को बताईं। ईरान में जिस आर्थिक संकट ने राष्ट्रीय आक्रोश को जन्म दिया, उसका असर वहां के कुछ सबसे धनी लोगों पर कोई असर नहीं है इसलिए वे लोग ईरान की सीमा से मात्र ६० मील दूर स्थित तुर्की के एक शहर वान में शरण लिए हुए हैं।
